सिरोंज-लटेरी से प्रचंड लीड दिलाने में एक ही नेता है सक्षम विधायक उमाकांत शर्मा

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सिरोंज से नईम गौरी की रिपोर्ट 

सागर संसदीय क्षेत्र के अंतगर्तत आने वाले सिरोंज-लटेरी विधानसभा क्षेत्र में आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रचंड बढ़त प्राप्त कर सकती है। क्षेत्र में जिस प्रकार का चुनाव प्रचार दिखाई दोनों पार्टियों द्वारा किया जा रहा है उसे देखकर लगता है कि कांग्रेस मौन है और स्थानीय कार्यकर्ताओं ने चुनाव से पहले ही अपने हथियार पटक दिये हैं।
जनता के बीच लोकप्रिय हैं क्षेत्रीय विधायक उमाकांत शर्मा
इस क्षेत्र से दूसरी बार विधायक चुने गये पं. उमाकांत शर्मा अपने विधानसभा क्षेत्र में जनता के बीच अच्छे खासे लोकप्रिय विधायक के रूप में प्रसिद्ध हैं। जनता को भगवान एवं स्वयं को उनका सेवक मानकर कार्य करने वाले विधायकजी अपने विधानसभा क्षेत्र से जनता से संवाद करते रहते हैं जनता की समस्याओं को दूर करने हेतु अपने घर पर जनता दरबार लगाकर लोगों की समस्याओं का समाधान करते हैं।
विधानसभा चुनाव में भी भारी मतों से बढ़त प्राप्त हुई थी भाजपा को
सिरोंज-लटेरी विधानसभा क्षेत्र में हॉल में ही सम्पन्न हुए चुनावों मेंं भारी बढ़त प्राप्त हुई थी यहॉं से क्षेत्रीय विधायक लगभग 28 हजारों मतों से विजयी हुए थे। लोकसभा चुनाव में भी यह बढ़त रहने वाली है क्योंकि स्थानीय कार्यकर्ता एवं विधायक अपने क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी को विजयश्री दिलाने में किसी प्रकार की कसर नहीं छोड़ने वाले हैं।
भाजपा से महिला प्रत्याशी होने का मिलेगा लाभ
लोकसभा चुनाव में भाजपा की प्रत्याशी श्रीमती डॉं. लता बानखेड़ा एक महिला प्रत्याशी है और म.प्र. सरकार द्वारा महिलाओं के हित में चलाई जा रही जनहितैषी योजनाओं जैसे लाडली बहिना आदि योजना का लाभ प्रत्याशी को मिल सकता है क्योंकि जिस प्रकार विधानसभा चुनावों में प्रदेश में सरकार बनाने में महिला मतदाताओं ने अपनी महती भूमिका निभाई है वह लोकसभा चुनाव में भी लता दीदी को अपना आशीर्वाद देने से नहीं चूकेंगी।

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।

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