सिरोंज ।जैन समाज के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष राकेश गोहिल का ग्रह नगर में हुआ प्रथम आगमन

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सिरोंज ।मध्यप्रदेश जैन समाज के नवनियुक्त अध्यक्ष राकेश जैन गोहिल के अपने ग्रह नगर सिरोंज में प्रथम आगमन पर उनका भव्य स्वागत व सम्मान किया गया। इस अवसर पर आइजा के प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव जैन सैनानी ने कहा कि राकेश जैन गोहिल कई वर्षो जैन समाज में तीर्थ क्षेत्रो का उद्वार एंव समाज को संगठित कर समाज में फैल रही कुर्तियो को दूर करने का प्रयास काफी समय से कर रहें है। उनकी नियुक्ति प्रदेश जैन समाज ने सागर में विराजमान मुनि श्री 108 सुधा सागर जी महाराज के सांनिध्य में सम्पन्न हुआ था। इस मौके पर श्री गोहिल को बधाई देने वालो में प्रमुख रूप से जैन समाज के पूर्व अध्यक्ष सुनील जैन गुरधानी,पचखनी जैन मंदिर के अध्यक्ष डॉ राजीव जैन बंटी,जैन बडें मंदिर के अध्यक्ष प्रवीण जैन भूपत,जैन समाज के कोषाध्यक्ष विजय जैन भौरिया,छत्री जैन मंदिर के अध्यक्ष अतुल जैन भूपत,दिगम्बर जैन नवयुवक मंडल के अध्यक्ष विक्रांत गोयल,संदीप चम्पतिया,सुमित चम्पतिया,विवेक भल्ला,जैन समाज के मंत्री जितेन्द्र जैन बब्लू,पचखनी जैन मंदिर के मंत्री सौरभ जैन गुलाबगंज,जैन बडें मंदिर के ट्रस्टी अनिल जैन सिंघई,कपिल जैन प्याराखेडी,राकेश जैन तेल वाले,देवेन्द्र जैन गुड वाले,पचखनी जैन मंदिर के संजय जैन टोडरमल,पवन जैन टीले वाले,संजीव जैन रैखला,संत सुधा सागर के वरिष्ठ सदस्य दिव्यांश जैन,नरेन्द्र जैन आदि ने श्री जैन को बधाई दी।

जैन समाज के प्रदेश अध्यक्ष की मीडिया से विशेष चर्चा – जैन समाज के प्रदेश अध्यक्ष राकेश जैन गोहिल ने मीडिया से विशेष चर्चा करते हुए कहा कि हमें जैन समाज में संगठित होने की अति आवश्यकता है। सभी संगठनों को मिलकर जैन धर्म के लिए काम करना पडेगा। जैन दर्शन में 24वें तीर्थकर हुए है और वह 24वें तीर्थकर भगवान महावीर स्वामी को ही लोग जानते व पहचानते है जहा तक कि पीएससी और प्रतियोगी परीक्षाओं में भी उन्ही का जिक्र होता हैं ऐसे में हमें पहले तीर्थकर भगवान आदिनाथ का स्मरण जन मानस को कराना होगा। क्योकि वह हमारे पहले तीर्थकर थें। वही उन्होने नई पीढी को संस्कारित करने की बात पर भी जोर दिया। उन्होने शासन से अपेक्षा की है कि जिस तरह सरकार महावीर जयंती पर सरकारी छुट्टी रखती है उसी तरह सरकार को जैन समाज के प्रथम तीर्थकर भगवान आदिनाथ जिन्हें ऋषभ देव भी कहा जाता है उनकी जयंती पर भी सरकार को शासकीय छुट्टी रखना चाहिए। वही उन्होने समाज के सभी संगठनो से अपेक्षा कि है कि भगवान आदिनाथ के जन्म कल्याणक,मूक्ष कल्याणक व क्षमावाणी जैसे पर्वो को सार्वजनिक रूप से मनाए।

कार्यो को जनजन तक पहुचने का काम करेगें – मुनि पुगंव श्री 108 सुधासागर जी महाराज के आर्शीवाद से देश भर में जैन धर्म और समाज को संगठित करने के लिए जो शुरूआत हुई उसको जनजन तक पहुचाएंगे। जिसमें युवा वर्ग,महिलाओं का संगठन आदि समाज सुधार को लेकर जो मुनि श्री के आदेश हुए है उन्हें हम पूरा करेगे। साथ ही उन्ही के आदेशानुसार इस क्षेत्र में तेजी से जिन महानुभावी को जिम्मेदारी मिली है उन्होने अपने अपने कार्य प्रारंभ कर दिए है और उनके कार्यो के अच्छे परिणाम भी आना प्रारंभ हो गया है।

मै स्वागत सम्मान से हूं दूर – प्रदेश जैन समाज के अध्यक्ष राकेश जैन गोहिल ने कहा कि मैने यह नियम लिया है कि में स्वागत व सम्मान से दूर रहूगा और सिरोंज तो मेरा जन्म स्थान है। में अपना सम्मान नही कराउगा। वही उन्होने कहा कि में सिरोंज जैन समाज की भावनाओ व मेरे शुभचितंको,मित्रो की भावना का सम्मान करता हूं। हम सबको मिलकर स्वागत सत्कार से दूर होकर मुनि श्री सुधा सागर जी के प्राणा व उनके आदेशो का पालना करना है।

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।