डॉ. राजीव सिंह रघुवंशी बने नए ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया

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बलिया के डॉ. राजीव सिंह रघुवंशी को भारत का नया ड्रग कंट्रोलर जनरल (DCGI) नियुक्त कर दिया गया है। वह 28 फरवरी 2025 तक इस पद पर बने रहेंगे। उन्होंने डॉ. वी जी सोमानी की जगह ली है। डॉ. सोमानी का कार्यकाल 15 फरवरी को खत्म हो गया था। इसके बाद डॉ. पी बी एन प्रसाद को 16 से 28 फरवरी तक पद का प्रभार दिया गया था। राजीव सिंह को ड्रग कंट्रोलर जनरल का पदभार मिलने से क्षेत्र में खुशी का माहौल है।

बलिया जिले के दोकटी थाना क्षेत्र अंतर्गत रामनगर के ही डॉ. राजीव सिंह रघुवंशी मूल रूप से निवासी हैं। उनके देश के नए ड्रग कंट्रोलर जनरल बन जाने से लोग घर पर पहुंचकर बधाई दे रहे हैं। एक दूसरे को मिठाई बांटकर खुशियां मना रहे हैं।

बता दें कि राजीव सिंह भारतीय फार्माकोपिया आयोग के सचिव-सह-वैज्ञानिक पद पर कार्यरत थे। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने पिछले महीने डीसीजीआई के पद के लिए उनके नाम की सिफारिश की थी। इसको संज्ञान लेकर मंत्री मंडल समिति ने आदेश पारित किया। अब वो डॉ. वीजी सोमानी का स्थान लेंगे। उनका कार्यकाल 15 फरवरी को खत्म हो गया था।

डीसीजीआई केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) का प्रमुख पद होता है, जो देश भर में गुणवत्तापूर्ण दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होता है। इसके पास नई दवाओं को मंजूरी देने और क्लीनिकल ट्रायल को विनियमित करने का भी अधिकार होता है। राजीव सिंह नाम से 250 से ज्यादा पेटेंट दवाएं भी हैं।

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।