तेंदूखेड़ा ।ग्राम खाया में जनअभियान परिषद के तत्वाधान में सेक्टर स्तरीय बैठक का हुआ आयोजन

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तेंदूखेड़ा।मध्यप्रदेश जनअभियान परिषद के जिला समन्वयक  जयनारायण शर्मा  की उपस्थिति में ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति खापा विकासखण्ड व जिला नरसिंहपुर में नवांकुर संस्था डोंगरगांव(अंडिया)के नेतृत्व सेक्टर मुंगमानी की सेक्टर स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया जिसमें ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति लिघारी,जेरा,लवेरी खापा,बचाई,मुंगमानी,डोंगरगांव,भण्डारदेव,देवनगरनया,पस्ताना एवं मुड़िया की ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों की सहभागिता रही।
   बैठक में समितियों द्वारा स्वेच्छिक एवं सामुदायिक आधार पर  किये गए कार्यों की समीक्षा की गई तथा आगामी कार्यों जैसे जल संरक्षण एवं संबर्द्धन, नशामुक्ति अभियान,गौ संरक्षण व संबर्द्धन,पर्यावरण संरक्षण व संबर्द्धन (पौधारोपण)जैविक कृषि के रकवे में वृद्धि,ग्राम स्वच्छता,सामाजिक समरसता, ग्राम स्वाबलंबन इत्यादि विषयों पर कार्ययोजना अनुसार कार्य करने हेतु सहमति बनी है।नवांकुर संस्था को जिला समन्वयक द्वारा सेक्टर स्तर पर एक नर्सरी तैयार करने हेतु निर्देशित किया गया ताकि पौधारोपण के समय सभी समितियों को स्वस्थ्य एवं अच्छे वेरायटी के छायादार व फलदार पौधे स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकें।श्री शर्मा ने सभी को बताया कि वर्तमान समय जल संरक्षण व संबर्द्धन हेतु अर्थात बोरी बंधान बनाकर नदी,नालों के बहते जल को रोक कर भूमिगत जल के स्तर को बढ़ाने तथा साथ ही बंधान के जल से कृषि सिंचाई के रकबे में भी वृद्धि हो सकेगी साथ ही गर्मी में पशु,पक्षियों को तथा लोगों को पीने व नहाने हेतु जल उपलब्ध हो सकेगा।
   ग्राम विकास के विभिन्न आयामों में कोई एक दो आयाम जैसे नशामुक्त,विवाद मुक्ति,जलयुक्त,जैविक ग्राम,शिक्षित ग्राम तुलसी ग्राम ,नीमगांव, स्वस्थ्य गांव स्वाबलंबी ग्राम,स्वच्छ ग्राम एवं गौ ग्राम इत्यादि विषयों को लेकर कार्ययोजना बनाकर एक दो वर्षों में कार्य किया जाए तो अच्छा प्रभाव न केवल उस ग्राम में पड़ेगा बल्कि आस-पास के ग्रामों में भी सकारात्मक वातावरण निर्माण होगा तथा लोगों की रुचि भी ऐसे कार्यों को करने में बढ़ेगी।
         उपरोक्त सभी विषयों पर जिला समन्वयक जनअभियान परिषद द्वारा विस्तार से चर्चा की गई तथा बैठक के अंत में नवांकुर संस्था अध्यक्ष  प्रकाश सिंह लोधी द्वारा सभी को धन्यवाद दिया गया।संवाददाता- अमित खरे तेंदूखेड़ा

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।