देवरी विधानसभा क्षेत्र के किसानो की समस्याओं को लेकर पूर्व मंत्री हर्ष यादव ने दिया धरना : राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा

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देवरी (टीएमई न्यूज)। देवरी कला/ब्लॉक कांग्रेस कमेटी देवरी नें पूर्व मंत्री हर्ष यादव के नेतृत्व में देवरी विधानसभा क्षेत्र के कृषकों, मजदूर, गरीब जनता एवं आमजन से जुडी समस्याओं एवं विभिन्न मांगों के लेकर समस्त क्षेत्रीय किसानों के साथ अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कार्यालय के सामने एक दिवसीय धरना दिया और 19 सूत्रीय ज्ञापन महामहिम राज्यपाल के नाम एसडीएम देवरी को सौपा क्षेत्रवासियो की मांग है कि मौसम की मार एवं अतिवृष्टि के कारण खरीफ की सोयाबीन, उडद, मक्का अरहर सहित अन्य फसलें अफलन, पीला-मोजेक सहित अन्य रोगो के प्रकोप से फसलें पूर्णतः नष्ट हो चुकी है, जिसका अविलंब सर्वे कर कृषकों को राहत राशि प्रदान की जायें। देवरी विधानसभा क्षेत्र सहित प्रदेश के समस्त कृषको द्वारा मांग की जा रही है कि शासन द्वारा 6000 रूपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य से सोयावीन खरीदी कि जाना चाहिए, विगत वर्ष 2021-22 की फसलों की राहत व बीमा राषि से वंचित क्षेत्र के हजारों कृषकों को बार-बार आष्वासन मिलने के बाद भी आज दिनांक तक बीमा एवं राहत राशि प्राप्त नहीं हुई है। जो अविलम्ब प्रदाय की जाये। देवरी विधानसभा क्षेत्र की दोनो तहसीलो केसली व देवरी में किसानों को रवि फसलो के लिए डी.ए.पी. और यूरिया खाद की उपलब्धता अविलंब की जाए जिससे कृषक समय पर अपना कृषि कार्य कर सके। मौजूदा बारिष व आंधी तूफान के कारण देवरी व केसली विकासखण्ड में विद्युत खम्बे एवं तार टूटने, ट्रांसफार्मर खराबी के कारण कई ग्रामों में विद्युत आपूर्ति बंद है, जिसे तत्काल मरम्मत कराकर बहाल किया जाये। साथ ही लगातार हो रही अघोषित विद्युत कटौती बंद की जाये। साथ ही विद्युत विभाग द्वारा स्मार्ट मीटर लगाने के नाम पर अबैद्य बसूली की जा रही है, जिसे बंद किया जाए, भारी भरकम आंकलित बिजली बिलो से आम नागरिक बेहद परेषान है। साथ ही पूर्व की कांग्रेस की सरकार की तरह 5 हॉसपावर तक किसानों को कृषि कार्य हेतु निशुल्क विद्युत अवाध रुप से प्रदाय की जाये। मुख्य सडको सहित ग्रामीण क्षेत्रो में बडी संख्या में गौवंषीय पषुओ (गाय, बछडा, बैल) भूखे प्यासे घूम रहे है जिससे प्रतिदिन दुर्घटनाएं होने से जनधन की हानि हो रही है, गौवंशीय पशुओ की सुरक्षा एवं भोजन प्रदान करने के लिए क्षेत्र में खाली पडी भूमि पर गौ शालाओ एवं गऊपार्क (अभ्यारण) का निर्माण कराया जाये। मौजूदा आधी तूफान के कारण देवरी बिधानसभा में क्षतिग्रस्त हुए हजारों घरो, फलदार वृक्षों कुंओं, एवं बंधानों सहित अन्य संपत्ति एवं सर्पदश/दुर्घटना मृत्यु, कुए में डूबने से हुए जनहानि सहित अन्य प्राकृतिक आपदा संबंधी प्रकरणों का सर्वे कार्य कराकर राहत राशि प्रदान की जायें। देवरी विधानसभा क्षेत्र में पुलिस के संरक्षण में जगह-जगह रिस्क, जुआ फडो का संचालन किया जा रहा है, जिसमें कई जिलो के जुआरी दाव लगाने आते है, देवरी एवं केसली विकासखण्ड में नशीले पदार्थ गांजा, स्मेक, एवं अबैद्य शराब का बडे पैमाने पर ब्यापार किया जा रहा है, देवरी विधानसभा क्षेत्र के सैकडों ग्रामो में अबैद्य शराब के ठेके संचालित किये जा रहे है, जिसे अबिलंब बंद किया जाए, जिससे अपराधो पर नियंत्रण हो सके। देवरी विधानसभा में जीर्ण-शीर्ण हो चुकी मुख्य स?कों एवं वर्षाकाल में क्षतिग्रस्त हुई ग्रामीण स?कों, एवं पुलों की तत्काल मरम्मत कराकर ग्रामीणों की समस्यायें दूर की जायें। साथ ही मुख्यमंत्री ग्राम स?क योजना एवं प्रधानमंत्री स?क योजनान्तर्गत निर्माणाधीन स?कों की गुणवत्ता की विस्तृत जाँच की जाये। विकासखण्ड मुख्यालय देवरी एवं केसली में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र संचालित है। उक्त दोनो स्वास्थ्य केन्द्रो में करीब 200-200 से अधिक ग्रामों के ग्रामीणजन उपचार हेतु आते है। परन्तु उक्त चिकित्सालयो बिस्तरो की कमी, एवं डाक्टर्स व अन्य स्टॉफ की कमी के चलते ग्रामीणों को समुचित ईलाज उपलब्ध नहीं हो पाता है। और उन्हे जिला चिकित्सालय जाना पडता है, क्षेत्रवासियो द्वारा उक्त दोनो सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रो का उन्नयन कर 100 बिस्तर सिबिल अस्पताल बनाये की मांग की जा रही है। क्षेत्र के कृषकों द्वारा लगातार सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण कराये जाने हेतु निवेदन किया जाता है। विकासखण्ड देवरी एवं केसली के आस-पास (1बरांज माईक्रो सिचाई परियोजना, 2 सेमा भरका जलाशय, 3. पडरईबुजुर्ग जलाशय , 4 सिंगपुरगंजन परियोजना, 5 तुलसीपार परियोजना, 6खैरीघाघरी सिचाई जलाशय जलाशय परियोजना) से सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना अतिआवष्यक है। परियोजनाओं के निर्माण से करीब 100-150 ग्रामों की लगभग 18000 हे० भूमि सिंचित होगी एवं कृषकों को गरीबी से मुक्ती मिलेगी।

रिटायर्ड सरकारी कर्मचारियों के लिए वृद्धावस्था में हर महीने मिलने वाली पेंशन ही उनके जीवन को आर्थिक मजबूती के साथ सुरक्षा प्रदान करता है। सरकारी कर्मचारी अपने बेहतर भविष्य को लेकर पुरानी पेंशन व्यवस्था में अपने आप को अधिक सुरक्षित महसूस करते हैं, इसीलिए प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारी लंबे समय से पुरानी पेंषन व्यवस्था लागू करने की मांग कर रहे है, मध्यप्रदेश सरकार पुरानी पेंशन योजना के तहत लाभ दिए जाने का शीघ्र आदेश प्रसारित करने का कष्ट करें। राष्ट्रीय राजमार्ग-44 देष का सबसे बडा

और ब्यस्त मार्ग है, जो कि सागर जिले मे (मालथौन टोलबूथ से तीतरपानी टोलबूथ) तक लगभग 150 कि.मी. आता है, उक्त मार्ग बेहद जर्जर अबस्था में है, जगह-जगह बडे गढढे हो गये है जिससे प्रतिदिन दुर्घटनाओं में सैकडो मौते हो रही है, शीघ्र ही नवीन मार्ग का निर्माण कराया जाए। प्रदेश में अतिथि शिक्षक 15 बर्षों से निरंतर पूर्ण निष्ठा से अध्यापन कार्य कर रहे है, प्रतिमाह जोमानदेय दिया जाता है, बह दैनिक मजदूरी की तुलना में बेहद कम है, इनकी लम्बी सेवा अबधि को देखते हुए इन्हे संविदा षिक्षक बनाया जाए। पूर्व मंत्री हर्ष यादव नें कहा कि उपरोक्त मांगो का शीघ्र निराकरण किया जावें, नही तो आगामी समय मे क्षेत्रीय किसानों के साथ उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जबाबदारी शासन की होगी। कार्यक्रम में सतीश रजौरिया, रजनीश जैन, गौरव पाण्डे, साविर वावा, कृष्णकुमार यादव बीना, मुकेश कोष्टी, बिजय गोवा, ? सौरभ नामदेव, शुभम शर्मा, नीरज कोष्टी, रोहित स्थापक, आंचल आठ्या बलवंत राजपूत आदि सैकड़ो कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।