देवास।किसान हितैषी योजना के लिए कृषक राजेश प्रधानमंत्री श्री मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव को दे रहे हैं धन्यवाद

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देवास । केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार की मंशा है कि कृषि का लाभ का धंधा बने। इसके लिए शासन द्वारा किसान हितैषी कई योजनाएं संचालित की जा रही है। इन योजनाओं का लाभ पाकर कृषक बड़ी संख्या में फसलों का उत्पादन कर अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं। किसानों की अच्छी आय होने से कृषक आर्थिक तौर पर भी सुदृढ़ भी हो रहे हैं। शासन की योजना से कृषि लाभ का व्यवसाय बना है। इसलिए कृषकगण प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को हृदय से धन्यवाद दे रहे हैं।
विकासखंड खातेगांव कृषक श्री राजेश पिता श्री फूलसिंह निवासी ग्राम सुकरास ने उद्योनिकी विभाग की फलोद्यान योजना का लाभ लेकर कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाया है और अब अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं। कृषक श्री राजेश ने बताया कि वे पहले सामान्य तरीके से खेती करते थे। इसी बीच उन्हें उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों द्वारा उद्यानिकी फसलों में फलोद्यान योजना एवं उससे होने वाले फायदों के बारे में बताया गया। उन्होंने योजना के लाभ को समझा तथा 2 एकड़ भूमि पर संतरा बगीचे का रोपण किया। वे विगत 5 वर्षों से संतरें की फसल का उत्पादन ले रहे हैं। इस वर्ष उन्होंने संतरे के बगीचे का विक्रय 1 लाख 20 हजार रुपए किया। फलोद्यान से उनकी आय में बढ़ोत्तरी हो रही हैं अब वे नींबू, सीताफल एवं एप्पल बैर के नवीन बगीचों का भी रोपण किया है। उन्हें उद्यानिकी विभाग अधिकारियों द्वारा विभागीय प्रशिक्षण एवं तकनीकी मार्गदर्शन मिलता रहा है, जिससे वे उद्यानिकी के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर पा रहे हैं। कृषक श्री राजेश किसान हितैषी योजनाओं के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को हृदय से धन्यवाद दे रहे हैं

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।