देवास ।कलेक्टर श्री सिंह द्वारा खनिज के अवैध उत्खनन एवं परिवहन करने वालों पर कार्रवाई के दिए गए निर्देशों

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देवास ।कलेक्टर श्री सिंह के निर्देश पर तहसील स्तर पर तहसीलदारों द्वारा अवैध उत्खनन एवं परिवहन करने वालों पर की कार्रवाई, जप्त किए ट्रैक्टर जिले में खनिज के अवैध उत्खनन एवं परिवहन करने वालों लगातार की जाएगी कार्रवाई देवास, 06 फरवरी 2025/ कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह द्वारा जिले में खनिज के अवैध उत्खनन एवं परिवहन करने वालों पर सख्ती दिखाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर श्री सिंह द्वारा दिए गए निर्देश अब धरातल पर दिखने लगे हैं। अब जिले में माइनिंग विभाग के साथ-साथ तहसील स्तर पर तहसीलदारों द्वारा भी अवैध उत्खनन एवं परिवहन करने वालों पर लगातार कार्रवाईयां की जा रही है। जिला खनिज अधिकारी ने बताया कि कलेक्टर श्री सिंह के सख्त निर्देश के बाद तहसीलों में तहसीलदार द्वारा अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन करने वालों पर कार्यवाही की जा रही है। इसी के तहत खातेगांव तहसीलदार ने कार्रवाई करते हुए दो ट्रैक्टरों को अवैध रेत का परिवहन करते हुए जप्त किए। उन्होंने बताया कि जांच में दोनों ट्रैक्टरों पर रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं लिखे थे। इन ट्रैक्टरों पर माईनिंग एंड मिनरल्स एक्ट के तहत कार्यवाही करते हुए प्रकरण जिला कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। ट्रैक्टरों को छुड़ाने के लिए रेत माफियाओं ने तमाम तरह के प्रयास किए लेकिन कलेक्टर श्री सिंह के निर्देश होने के कारण ट्रैक्टर छुड़ाने में नाकाम रहे।
खनिज अधिकारी ने बताया कि तहसील खातेगांव में दो रेत के ट्रैक्टर और कन्नौद तहसील में तीन रेत ट्रैक्टर और देवास दो डंपर अवैध परिवहन / भण्डारण करते जप्त किए गए। अवैध उत्खनन/परिवहन / भण्डारण के विरूद्ध कुल सात वाहनों को जप्त किया जाकर थाने में खड़ा किया। उपरोक्त वाहनों पर मध्यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन, भण्डारण निवारण) 2022 के नियम 23 के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध की गया। कलेक्टर महोदय के समक्ष अर्थदंड हेतु प्रेषित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जिले में इस प्रकार की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और अवैध रूप से उत्खनन एवं परिवहन करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।