देवास ।जिले में अवैध शराब के संग्रहण, विक्रय एवं परिवहन करने वालों पर सख्ती कार्रवाई की जाएगी-कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह

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देवास ।जिले में अवैध मदिरा संग्रहण एवं विक्रय के विरुद्ध आबकारी विभाग ने कार्रवाई कर 12 प्रकरण किए दर्ज । जप्त सामग्री का बाजार मूल्य लगभग 02 लाख 02 हजार 150 रुपए है।
देवास, 06 फरवरी 2025/ कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह ने जिला आबकारी विभाग को सख्त निर्देश दिए हैं कि जिले में अवैध शराब के संग्रहण, विक्रय एवं परिवहन करने वालों पर सख्ती कार्रवाई करें। जिले में जहां कहीं भी अवैध शराब का परिवहन, विक्रय और संग्रहण हो रहा है, उन भी सख्त कार्रवाई करें। सहायक आबकारी आयुक्त श्रीमती मंदाकिनी दीक्षित ने बताया कि कलेक्टर श्री सिंह ने अवैध शराब के संग्रहण, विक्रय एवं परिवहन करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर श्री सिंह के आदेश के परिपालन में जिले में आबकारी विभाग द्वारा सख्ती से लगातार कार्रवाईयां की जा रही है। उन्होंने बताया कि इसी कड़ी में सहायक जिला आबकारी अधिकारी श्री कमल सिंह सिकरवार के नेतृत्व में आबकारी दल ने देवास शहर में वृत (अ, ब, स) एवं व्रत सोनकच्छ एवं कन्नौद में अवैध मदिरा के निर्माण, विक्रय एवं परिवहन करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही की गई। कार्रवाई में प्रताप नगर, अंबेडकर नगर रेल्वे पटरी के पास, बांगर एवं टिगरिया सांचा में संदिग्ध स्थानों पर सर्चिग की कार्रवाई कर प्रकरण दर्ज किए गए। उन्होंने बताया कि इसी क्रम में व्रत सोनकच्छ में अगेरा फाटे पर कार्रवाई कर एक प्रकरण दर्ज किया। व्रत कन्नौद में कार्रवाई कर कुल तीन प्रकरण दर्ज किए। आज की कार्रवाई में कुल 80 लीटर हाथ भट्टी मदिरा, देसी मदिरा प्लेन के 60 पाव 15 बीयर केन एवं 1800 किलोग्राम महुआ लाहन बरामद हुआ तथा लाहन को विधिवत नष्ट किया। कार्यवाही में 12 प्रकरण मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1) क के तहत पंजीबद्ध कर विवेचना में लिए गए, जप्त सामग्री का बाजार मूल्य लगभग 2 लाख 02 हजार 150 रुपए है।
आज की कार्यवाही में आबकारी उपनिरीक्षक राजकुमारी मंडलोई, प्रेम यादव, डी.पी. सिंह, निधि शर्मा, उमेश स्वर्णकार आबकारी मुख्य आरक्षक राजाराम रैकवार, दीपक धुरिया, बालकृष्ण जायसवाल, नितिन सोनी, विकास गौतम, आरक्षक सैनिक किशोर सिसोदिया अनिल चौहान, अनिल ककोड़िया सम्मिलित थे। इस प्रकार की कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।