सागर ।भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे न.पा. मकरोनिया सी.एम.ओ को मिला न.पा.कर्रापुर का भी चार्ज।

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सागर ।कांग्रेस ने समूचे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर कठोर कार्यवाही की उठाई मांग।
मुख्यमंत्री के भ्रष्टाचारियों पर कार्यवाही के दावे खोखले साबित…….सुरेन्द्र चौधरी
मध्य प्रदेश शासन के पूर्व मंत्री सुरेन्द्र चौधरी ने प्रदेश की भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के भ्रष्टाचारियों पर कार्यवाही करने के देवे खोखले साबित होने का आरोप लगाते हुए कहा हैं कि गत दिवस नगर पालिका निगम सागर द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने सागर आए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सार्वजनिक रूप से बयान दिया था कि भ्रष्टाचारियों को किसी भी सूरत नहीं वर्दाश्त नही जाएगा किंतु मुख्यमंत्री जी के दावों की कलई नगरीय प्रशासन विभाग के उपसंचालक के आदेश ने खोल कर रख दी हैं जिसका स्पष्ट प्रमाण हैं कि उपसंचालक नगरीय प्रशासन द्वारा नक्शा पास करने के एवज में लाखों रुपये की मांग करने के आरोपों में घिरे नगर पालिका मकरोनिया के सी.एम.ओ को नगर परिषद कर्रापुर का भी चार्ज देकर मुख्यमंत्री के दावों को आयना दिखाने का काम किया गया हैं।
श्री चौधरी ने कहा कि विगत दिनों नगर पालिका मकरोनिया के सी.एम.ओ के द्वारा नक्शा पास करने की आवाज में लाखों रुपये की मांग करने वीडियो सोशल मीडिया पर बायरल होने पर उपसंचालक नगरीय प्रशासन के द्वारा सी.एम.ओ नगर पालिका मकरोनिया को नोटिस जारी किया गया था किंतु उक्त नोटिस जारी होने के बाद सी.एम.ओ मकरोनिया पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई किंतु उपसंचालक द्वारा सी.एम.ओ मकरोनिया को नगर परिषद कर्रापुर का भी चार्ज देकर भ्रष्टाचारियों को संरक्षण देने व प्रोत्साहित करने का काम किया गया है जिसकी कांग्रेस पार्टी कड़े शब्दों में निंदा करती है और मांग करती हैं कि सी.एम.ओ मकरोनिया के बायरल हुये वीडियों व भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे होने की बावजूद सी.एम.ओ मकरोनिया को नगर परिषद कर्रापुर का भी अतिरिक्त चार्ज देने के प्रकरण की उच्च स्तरीय निष्पक्ष व सूक्ष्मता से जांच की जाकर दोषियों पर दण्डात्मक कार्यवाही की जावें अन्यथा कांग्रेस पार्टी चुप बैठने वाली नही है।

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Hi

*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।