साल के आखिरी कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार लाल निशान में बंद, सेंसेक्स 170 अंक लुढ़का, निफ्टी भी फिसला

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मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में खरीदारी देखी गई।- India TV Paisa
Photo:FILE मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में खरीदारी देखी गई।

साल 2023 के आखिरी कारोबारी सत्र के दिन घरेलू शेयर बाजार शुक्रवार को गिरावट के साथ बंद हुआ। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का इंडेक्स सेंसेक्स सप्ताह के आखिरी सत्र के दिन आखिर में 170.12 अंक लुढ़ककर 72240.26 के लेवल पर बंद हुआ। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) निफ्टी भी 47.3 अंक की गिरावट के साथ 21,731.40 के लेवल पर बंद हुआ। इसके अलावा, निफ्टी बैंक में भी 216.3 अंकों की गिरावट देखी गई। यह लुढ़ककर 48,292.25 के लेवल पर बंद हुआ।  मनी कंट्रोल की खबर के मुताबिक, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में खरीदारी देखी गई, जबकि मिडकैप इंडेक्स रिकॉर्ड ऊंचाई पर जा पहुंचा।

साल 2023 का समापन रहा मजबूत

खबर के मुताबिक, घरेलू इक्विटी बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी में पिछले पांच दिन तेजी का सिलसिला जारी था। आज चुनिंदा दिग्गज शेयरों में मुनाफावसूली हुई। साल 2023 का समापन घरेलू बाजार के लिए एक स्वस्थ नोट पर हुआ क्योंकि बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी 50 ने क्रमशः 19 प्रतिशत और 20 प्रतिशत की मजबूती के साथ साल का अंत किया।

लिस्टेड कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण

बीएसई-लिस्टेड कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण पिछले सत्र के 363 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर करीब 364.2 लाख करोड़ हो गया, जिससे निवेशक एक ही सत्र में लगभग 1.2 लाख करोड़ से ज्यादा अमीर हो गए। महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स, टाटा स्टील, सन फार्मा, नेस्ले और अल्ट्राटेक सीमेंट सहित करीब 337 शेयरों ने बीएसई पर इंट्राडे में अपने 52-सप्ताह के नए हाई लेवल को छुआ।

अपडेट जारी है….

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।