बीना (टीएमई न्यूज)। सोयाबीन का समर्थन मूल्य 8000 रुपए क्विंटल करने की मांग किसान जोरशोर से उठा रहे हैं और पूरे प्रदेश में अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत भारतीय किसान श्रमिक जनशक्ति यूनियन के नेतृत्व में किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष संदीप ठाकुर ने बताया कि सोयाबीन के भाव 12 साल पहले के स्तर पर आ चुके हैं, जो करीब 4000 रुपए प्रति क्विंटल हैं, जबकि लागत में ढ़ाई गुना से अधिक का इजाफा हो चुका है। इतने कम दामों में किसानों को लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है। संभागीय अध्यक्ष सीताराम ठाकुर ने बताया मप्र सरकार को अभी हाल ही में सोयाबीन उत्पादन में प्रथम स्थान के लिए पुरस्कार मिला है, जो किसानों के कारण मिला है। सरकार निजी कंपनियों को लाभ देने के लिए लगातार पाम आयल का आयात करती है, जिससे सोयाबीन के भाव नहीं बढ़ पाते हैं। सरकार को तत्काल पाम आयल के आयात पर रोक लगानी चाहिए। साथ ही सोयाबीन 8000 रुपए क्विंटल खरीदा जाना चाहिए। यदि शीघ्र मांग पूरी नहीं हुई, तो किसान भोपाल मार्च का ऐलान कर सकते हैं। ज्ञापन सौंपने वालों में जिलाध्यक्ष रामगोपाल, तहसील अध्यक्ष साहब सिंह, राघवेन्द्र सिंह आदि किसान उपस्थित थे।


