बागेश्वर धाम की ‘सनातन हिंदू एकता’ पदयात्रा में शामिल हुए सांसद  दर्शन सिंह चौधरी
संवाददाता- अमित खरे तेंदूखेड़ा

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बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री के द्वारा आयोजित 10 दिवसीय ‘सनातन हिंदू एकता’ पदयात्रा के तृतीय दिवस पर शनिवार को छतरपुर में होशंगाबाद नरसिंहपुर लोकसभा सांसद दर्शन सिंह चौधरी सम्मिलित हुए। हिन्दुओं में जाति में भेदभाव, छुआछूत, अगड़े और पिछड़े का फर्क मिटाने के लिए बागेश्वर धाम से हिंदू जोड़ो यात्रा की शुरुआत गुरुवार 21 नवंबर से हुई।  बागेश्वर धाम से प्रारंभ होने वाली इस पदयात्रा में देश के अनेक जाने-माने संतों, नेताओं व फिल्म स्टार्स औऱ सिलेब्रिटीज की उपस्थिति हो रहे है। बागेश्वर महाराज की यह छतरपुर, नौगांव, निवाड़ी, मऊरानीपुर होते हुए 29 नवंबर को ओरछा के रामराजा मंदिर पहुंचेगी। इस यात्रा को सफल बनाने के लिए देश के अनेक सनातनी संत बागेश्वर महाराज के संकल्प में साथ खड़े नजर आ रहे हैं।

सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने बताया कि बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री भगवा ध्वज लेकर 160 किमी पैदल चलेंगे। बागेश्वर धाम से हिंदू जोड़ो यात्रा का आगाज हुआ है जिसमें देशभर से संत हुए हैं। जिसमें देश के जाने माने संत भगवा ध्वज हिंदू एकता यात्रा में सम्मिलित हुए हैं। यह यात्रा सनातन एकता के लिए मील का पत्थर साबित होगी। जिसमें हजारों लोग भगवा ध्वज लेकर चल रहे हैं।

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।