देवरी कला /आजाद क्रिकेट क्लब ग्रामीण टूर्नामेंट में रानगिर की टीम ने मारी बाजी मेहका पिपरिया रही उपविजेता

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देवरी कला आजाद क्रिकेट क्लब ,ग्रामीण टूर्नामेंट क्रिकेट  के फाइनल मैच में रानगिर की टीम ने 10 ओवर के निर्धारित मैच में रानगिर की टीम ने 4 विकेट पर 130 रन बनाये। लक्ष्य का पीछा करने उतरी मेहका पिपरिया की टीम 10 ओवर में ही 99 रन पर ढेर हो गई।  मुख्य अतिथि अंकुश चौहान सरपंच प्रतिनिधि बरकोटी कला ने विजेता को ट्रॉफी व 11000 रू और उप विजेता टीम को ट्रॉफी व 5500 रू पुरस्कार से सम्मानित किया गया। जिसमें मेन आफ़ द सीरीज मोनू राजपूत एवं मैन आफ द मैच का पुरस्कार रानगिर टीम के बल्लेबाज प्रेम को दिया गया।
आजाद क्रिकेट क्लब ,ग्रामीण टूर्नामेंट में फाइनल मैच में रानगिर की टीम टॉस जीत कर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया। बल्लेबाजी करने उतरी रानगिर की टीम 10 ओवर के क्रिकेट प्रतियोगिता में 4 विकेट पर 130 रनों का लक्ष्य रखा। लक्ष्य का पीछा करने उतरी मेहका पिपरिया
की टीम 10 ओवर में 130 रनों के स्कोर का पीछा करके मात्र 99 रनों पर ही ढेर हो गई।
जिसमें मेन आफ़ द सीरीज रानगिर टीम के मोनू राजपूत रहे मेन आफ़ द मैच एवं गेंदबाज प्रेम रहे।
और जिसमें उपविजेता मेहका पिपरिया टीम के आयोजक यज्ञराज लोधी मैन ऑफ द फील्डर रहे। एवं उपविजेता टीम का 5500 रू एवं ट्रॉफी से सम्मानित किया गया।

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।