तेंदूखेड़ा ।मोदी जी के नेतृत्व में हुआ है रेलवे का चहुंमुखी विकास : सांसद दर्शन सिंह चौधरी

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तेंदूखेड़ा/ संसद भवन स्थित रेलवे मंत्रालय कार्यालय में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से नर्मदापुरम नरसिंहपुर लोकसभा सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने सागर सांसद  लता वानखेड़े एवं छिंदवाड़ा सांसद विवेक बंटी साहू के साथ मुलाकात की । इस अवसर पर सांसदों ने छिंदवाड़ा-सागर तक रेल लाइन बिछाने, एवं कोरोना काल में बंद हुई ट्रेनों को चालू करने सहित रेल सुविधाओं की मांग की। इस अवसर पर रेलवे की 2014 के बाद से हुई प्रगति एवं रेल मंत्रालय द्वारा रेलवे स्टेशनों के विकास के लिए ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ शुरू की है। इस योजना में दीर्घकालिक दृष्टिकोण के आधार पर निरंतर स्टेशनों के विकास कार्य किया जा रहा है।इसमें प्रत्येक स्टेशन पर आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए मास्टर प्लान तैयार करना और चरणों में उनका क्रियान्वयन करना शामिल है, ताकि स्टेशनों पर सुविधाओं में सुधार हो, जैसे स्टेशन तक पहुंच में सुधार, परिभ्रमण क्षेत्र, प्रतीक्षालय, शौचालय, आवश्यकतानुसार लिफ्ट, एस्केलेटर, प्लेटफॉर्म की सतह और प्लेटफॉर्म को ढंकना, साफ-सफाई, मुफ्त वाई-फाई, ‘एक स्टेशन एक उत्पाद’ जैसी योजनाओं के माध्यम से स्थानीय उत्पादों के लिए कियोस्क, बेहतर यात्री सूचना प्रणाली, कार्यकारी लाउंज, व्यावसायिक बैठकों के लिए नामित स्थान, भूनिर्माण आदि । इस योजना में भवन में सुधार, स्टेशन को शहर के दोनों ओर एकीकृत करना, मल्टीमॉडल एकीकरण, दिव्यांगजनों के लिए सुविधाओं के विस्तार के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने आभार प्रकट किया।संवाददाता- अमित खरे तेंदूखेड़ा

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Hi

*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।