खुरई ।थाना खुरई ग्रामीण पुलिस ने 04 नाबालिगों  को 24 घण्टे के अंदर  दस्तयाब कर सौंपा परिवार जनो को

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

खुरईसभी के परिवार जनो द्वारा खुशी जाहिर करते हुए पुलिस को दिया धन्यवाद

थाना खुरई ग्रामीण को 1सूचनाकर्ता नाबालिग के पिता ने सूचना लेख कराया कि इसका नाबालिक लड़का उम्र 17 वर्ष का गुरुकुल स्कूल खुरई पढ़ने गया था जो घर वापस नहीं आया, सूचना पर अप.क्र. 376/24 धारा 137(2) बीएनएस का पंजीबद्ध किया,

2 सूचनाकर्ता  निवासी बनहट ने सूचना लेख कराया कि इसका नाबालिक लड़का उम्र 15 वर्ष का गुरुकुल स्कूल खुरई पढ़ने गया था जो घर वापस नहीं आया, सूचना पर अप.क्र. 377/24 धारा 137 (2) बीएनएस का पंजीबद्ध किया,

3 सूचनाकर्ता  निवासी तेवरी ने सूचना लेख कराया कि इसका नाबालिक लड़का उम्र 16 वर्ष का गुरुकुल स्कूल खुरई पढ़ने गया था जो घर वापस नहीं आया, सूचना पर अप.क्र. 378/24 धारा 137(2) बीएनएस का पंजीबद्ध किया,

4 सूचनाकर्ता  ग्राम धांगर ने सूचना लेख करायी कि इसका नाबालिक लड़का उम्र 16 वर्ष का गुरुकुल स्कूल खुरई पढ़ने गया था जो घर वापस नहीं आया, सूचना पर अप.क्र. 379/24 धारा 137(2) बीएनएस का पंजीबद्ध किया।

चार बच्चों के एक साथ गुम ,अपहृत होने की सूचना अत्यंत  गंभीर होने से श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय सागर, को सूचित किया गया पुलिस अधीक्षक महोदय ने सूचना को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए तत्काल संबंधित सभी पुलिस अधिकारियों को सर्वोच्च प्राथमिकता से टीम बनाकर बच्चों की पतारसी करने हेतु निर्देशित किया जिस पर


श्रीमान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय बीना श्री संजीव उइके एवं  एसडीओपी खुरई श्री सचिन परते के मार्गदर्शन में उक्त नाबालिग बच्चों की पतारसी हेतु टीम गठित कर सीसीटीवी फुटेज चेक किए गए मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया टीम बनाकर अलग अलग संभावित स्थानों पर पतारसी की गई सभी प्रयासों के फलस्वरूप चारों बच्चों के एकसाथ बीना में होने की संभावना का पता लगा सभी टीमों को बीना के संभावित बस स्टैंड ,रेलवे स्टेशन आदि पर भेजा गया बीना  स्टेशन से सभी नाबालिग बच्चों थाने पर सूचना मिलने के 24 घण्टे के अंदर दिनांक 11.12.24 को दस्तयाब किया गया।
सभी बच्चों को उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया सभी के परिजनों द्वारा खुशी व्यक्त करते हुए पुलिस को धन्यवाद दिया गया

उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष सिंह दांगी, उनि धनेन्द्र यादव, सउनि हुकम सिंह कुमरे,सउनि जेपी यादव, प्रधान आरक्षक सुरेन्द्र सिंह, आरक्षक नरेन्द्र, बाबूलाल, दिनेश, लोकेन्द्र, अनिल तथा सीसीटीव्ही कन्ट्रोल रूम आरक्षक प्रीतम सिंह का अहम योगदान रहा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Ad
What is the capital city of France?

Hi

*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।