तेंदूखेड़ा ।निःशुल्क शिविर डोभी में हुआ आयोजन

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तेंदूखेड़ा – लक्ष्मीनारायण मेमोरियल हास्पिटल नरसिंहपुर एवं जनसेवा फाउंडेशन के माध्यम से ग्राम डोभी में निशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाया गया।
जिसमें लक्ष्मीनारायण मेमोरियल हास्पिटल नरसिंहपुर से एमडी मेडिसिन डां.अमन प्रताप सिंह जी, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ योगेश्वर जामरे जी, डां.सोना, डां.मोनिका उपमन्यु सहित विभिन्न रोगों के चिकित्सक उपस्थित रहे।
जहां बड़ी संख्या में मरीजों का निशुल्क उपचार किया गया।
इस अवसर पर पूर्व विधायक भैयाराम पटेल , तेंदूखेड़ा नगर परिषद अध्यक्ष  विष्णु शर्मा , जिला महामंत्री  ठाकुर राजीव सिंह, नगरपरिषद उपाध्यक्ष प्रतिनिधि डालचंद पटेल , भाजपा जिला उपाध्यक्ष संतोष पटेल , पूर्व जिला पंचायत सदस्य वंदना पटेल , दीवान अर्जुन सिंह, वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता राजीव अग्रवाल, शिवदयाल खैरोनिया,रुपम विश्वकर्मा मनखेडी वाले,गगन अग्रवाल,डा पीडी शुक्ला , डां.विस्वास , कमलेश पटेल ज
,अमर सिंह पटेल , सुरेश पटेल ,किशन सोनी , धनीराम शर्मा , मनोज विश्वकर्मा , सहित ग्राम डोभी एवं क्षेत्रीय लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की रूपरेखा बनाने वाले राव अनुज प्रताप सिंह  के साथ जनसेवा फाउंडेशन के रूपम पाठक, नीलेश पटेल, दीपक पटेल, शिवांश सिसोदिया  अमन दुबे अभिषेक पटवा सुनील पटेल संजय पटेल सेजल लोधी श्वेता साहू विशाली तिवारी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।संवाददाता- अमित खरे तेंदूखेड़ा

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।