ललितपुर ।शहर की मलिन बस्तियों में डोर टू डोर जीरो पावर्टी सर्वे कराने के दिए निर्देश

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ललितपुर ।नगर क्षेत्र में कुआं एवं बाबड़ी का चिन्हांकन कर उनके जीर्णोद्धार एवं विकास हेतु कार्ययोजना तैयार कर प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश
शीतलहर से बचाव के साथ मलिन बस्तियों में सरकारी योजनाओं के आच्छादन हेतु जिलाधिकारी ने की बैठ जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी द्वारा जूम मीटिंग के माध्यम से जनपद की नगर निकायों में शीतलहर के दृष्टिगत जनसामान्य को अलाव एवं रैनबसेरा की सुविधायें मुहैया कराने एवं मलिन बस्ती में निवासरत परिवारों को शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाये जाने के उद्देश्य से सर्वे कराये जाने हेतु बैठक की गयी। ईओ दिनेश विश्वकर्मा द्वारा अवगत कराया गया कि निराश्रित बेसहारा व्यक्तियों को शीतलहर से बचाव हेतु नगर ललितपुर में 14 स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की गयी है तथा 03 रैन बसेरा व 01 वी.वी.आई.पी. 100 बेड वाला आश्रय स्थल संचालित है, जिसमें प्रतिदिन लगभग 20-25 लोग रह रहे है। इसी प्रकार नगर पंचायत तालबेहट में 07 स्थानों पर अलाव व 01 रैन बसेरा, नगर पंचायत महरौनी में 11 स्थानों पर अलाव एवं 01 रैन बसेरा एवं नगर पंचायत पाली में 42 स्थानों पर अलाव व 01 रैनबसेरा संचालित है। बैठक में ऑनलाइन टैक्स भुगतान की समीक्षा की गयी, जिसमें ईओ द्वारा ऑनलाइन टैक्स जमा कराये जाने की बात बतायी गयी, शेष नगर पंचायतों में ऑनलाइन टैक्स जमा कराये जाने की कार्यवाही प्रगति पर है। जिलाधिकारी द्वारा नगर क्षेत्र में कुआं एवं बाबड़ी का चिन्हांकन कर उनके जीर्णोद्धार एवं विकास हेतु कार्ययोजना तैयार कर प्रस्ताव उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये गये। बैठक में जिलाधिकारी द्वारा नगर क्षेत्रान्तर्गत स्थित मलिन बस्तियों में निवासरत परिवारों को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाये जाने के उद्देश्य से नगर निकाय एवं डूडा विभाग को संयुक्त रूप से उक्त परिवारों का डोर-टू-डोर सर्वे किये जाने के निर्देश दिये गये। एक वार्ड का सर्वे कार्य पूर्ण होने पर उक्त सर्वे कार्य की पुष्टि वार्ड में चौपाल आयोजित कर की जायेगी। तदोरान्त दूसरे वार्ड का सर्वे कार्य प्रारम्भ किया जायेगा ताकि शासन द्वारा संचालित समस्त योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुँच सके। बैठक में ईओ दिनेश विश्वकर्मा, परियोजना प्रबंधक डूडा, जेई आशीष दूरबार एवं विशाल, कर निर्धारण अधिकारी नपा राजेंद्र प्रसाद आदि मौजूद रहे।

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।