शाजापुर।अज्ञात आरोपीयों द्वारा सनसनीखेज हत्या की वारदात, 24 घण्टे में मोहन बड़ोदिया पुलिस ने किया खुलासा.

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शाजापुर – थाना बडोदिया क्षेत्र मेे अज्ञात आरोपीयों द्वारा सनसनीखेज हत्या की वारदात करने वाले आरोपीयों को 24 घण्टे में अन्दर अपराध का खुलासा एंव आरोपीयों को गिरफ्तार करने में पुलिस द्वारा उल्लेखनीय सफलता हासिल की है, आपको जानकारी देते हुए बता दे, फर्दखेड़ी के जंगल में जगदीश पाटीदार के कुँए खेत पर बीतीरात 12 फरवरी के 01.00 बजे रात्री में मुकेश पिता प्रभुलाल मालवीय उम्र 38 साल निवासी रामकृष्ण नगर सारसी की गला काटकर निर्मम हत्या कर दी गई थी, जिस पर मोहन बड़ोदिया पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमे राहुल पिता नारायण मालवीय उम्र 27 वर्ष,सुनिल पिता लक्ष्मीनारायण मालवीय उम्र 21 वर्ष और ममताबाई पति मुकेश मालवीय निवासी गण रामकृष्ण नगर सारसी है. घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है, की दिनांक 12 फरवरी को मोहन बड़ोदिया पुलिस को सुचना मिली की, जगदीश पाटीदार के कुँए खेत पर बना मकान जंगल ग्राम फर्दखेडी मे मुकेश पिता प्रभुलाल मालवीय निवासी रामकृष्ण नगर सारसी वाले की हत्या कर दी है, सुचना पर थाना प्रभारी मोहन बड़ोदिया प्रेम किशोर व्यास मय पुलिस बल के मौके पर पहुंचे जहा पर खेत पर बने कमरे के अंदर खाट पर मृतक मुकेश पिता प्रभुलाल मालवीय मृत अवस्था मे मिला, जिसका बहुत ही निर्दयी तरिके गला कटा हुआ था। जिस पर मौके की कार्यवाही कर मृतक का पोस्ट मार्टम करवाया गया। तथा आरोपी अज्ञात के विरूद्ध अपराध क्रं. 40/25 धारा 103(1) बीएनएस का कायम कर विवेचना मे लिया गया,शाजापुर पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह राजपुत के निर्देशन मे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक टी0एस0 बघेल एंव अनुविभागीय अधिकारी गोपाल सिंह चैहान के नेतृत्व में थाना प्रभारी मोहन बडोदिया निरीक्षक प्रेम किशोर व्यास के साथ टीम गठित की गयी और मोहन बड़ोदिया ने 24 घंटे में आरोपियों को गिरफ्तार किया, पुलिस ने बताया कि दोराने विवेचना दिनांक 13 फरवरी को सुद्रढ मुखबीर की सुचना एंव सायबर सेल की मदद से आरोपी राहुल पिता नारायण मालवीय उम्र 27 वर्ष,सुनिल पिता लक्ष्मीनारायण जाति मालवीय उम्र 21 वर्ष निवासी गण रामकृष्ण नगर सारसी को दिनांक 13 फरवरी को गिरफ्तार व पुछताछ करते आरोपियो ने स्वीकार किया। आरोपी राहुल का मृतक मुकेश की पत्नि ममता मालवीय से प्रेम प्रसंग चल रहा था तथा आरोपी राहुल व ममताबाई मृतक मुकेश मालवीय को रास्ते से हटाना चाहते थे। प्रेम प्रसंग की बात को लेकर दिनांक 11 फरवरी व 12 फरवरी की दरमियानी रात आरोपी राहुल ने अपने साथी सुनिल व ममता बाई के साथ मिलकर मुकेश मालवीय की हत्या की साजिश रची व जब मृतक जगदीश पाटीदार के खेत पर बने मकान पर रात्री मे सो रहा था तब मृतक की पत्नि ममताबाई द्वारा मकान का दरवाजा खोलकर दोनो आरोपी राहुल व सुनिल को अपने पति मुकेश की हत्या करने के लिए मकान के अंदर बुलाया व राहुल तथा सुनिल दोनो ने चाकु से मृतक मुकेश का गला रेतकर हत्या कर दी।
24 घंटे के अन्दर अंधे कत्ल का पर्दाफाश करने मे मोहन बडोदिया थाना प्रभारी कार्य० निरीक्षक प्रेमकिशोर व्यास व टीम एसआई गोविन्द प्रसाद चैबे, एसआई कैलाश नारायण यादव, एएसआई सुभाष पटेल, एएसआई इसराईल खाँन, एएसआई लाखनसिंह राजपुत, एएसआई सैय्यद मेहमुद अली,प्रआर विनोद शर्मा,जगदीश दांगी,जितेन्द्र,प्रदीपसिंह सिकरवार, सुरेश सौराष्ट्रीय,देवीसिंह,सुरेश राठौर,पवन,संदीप,सुनिल, केशव,जीवनसिंह,चालक सुभाष दांगी की महत्वपुर्ण भुमिका रही, उल्लेखनीय कार्य करने वाले अधि0/कर्मचारीयों को पुलिस अधीक्षक शाजापुर यशपाल सिंह राजपुत द्वारा पुरुस्कृत करने की घोषणा की गई.

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Hi

*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।