धामनोद ।अन्नपूर्णा संस्था का 6 दिवसीय एक्यूप्रेशर वाइब्रेशन एवं कपिंग थेरेपी शिविर प्रारंभ Today Mp Express
दमोह ।एम.वाय.एल.ऑर्गेनिक संस्था दमोह के तत्वधान में स्किल डेवलपमेंट कैरियर काउंसलिंग गाइडेंस एवं हेल्थ वेलनेश कार्यक्रम का हुआ आयोजन Today Mp Express
दमोह ।नगर के युवा सचिन जैन (सीईओ, भारत ICT) ने बढ़ाया देश का मानऑस्ट्रेलिया की संसद में 5G तकनीक में उन्नत कार्य हेतु सम्मानित Today Mp Express
दमोह।कलेक्टर श्री कोचर ने तहसीलदारों को क्षेत्र अनुसार पर्यवेक्षक के रूप किया नियुक्त Today Mp Express
देवरी कला /आजाद क्रिकेट क्लब ग्रामीण टूर्नामेंट में रानगिर की टीम ने मारी बाजी मेहका पिपरिया रही उपविजेता Today Mp Express
*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं। Today Mp Express