अयोध्या में सीएम मोहन यादव ने कैबिनेट के साथ किए भगवान राम के दर्शन, मंदिर में गाई राम धुन..

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भोपाल /मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों ने परिवार के साथ अयोध्या में भगवान रामलला के दर्शन किए। मुख्यमंत्री मोहन और उनकी पत्नी भगवान राम के सामने दंडवत हुए। भगवान रामलला के मंदिर में सीएम ने पूरी कैबिनेट के साथ राम धुन भी गाई। अयोध्या पहुंचने से पहले सीएम और उनकी टीम का जोरदार स्वागत किया गया। मंत्रियों ने जय श्री राम के नारे लगाए। कैलाश विजयवर्गीय ने बस में भजन गाया ‘राम आए हैं तो राम राज्य लाएंगे’।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि मंत्री- मंडल के सभी सदस्यों ने आनंद के साथ यात्रा का लाभ उठाया। अयोध्या में भगवान श्री रामलला के गर्भ-गृह में दर्शन करके जीवन का सबसे अविस्मरणीय क्षण का अनुभव हुआ। मुख्यमंत्री ने रामजन्म भूमि न्यास और उससे जुड़े सभी कारसेवकों को धन्यवाद दिया, जिन्होंने भगवान श्रीरामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के लिए सर्वस्व न्योछावर किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दो हजार साल पूर्व सम्राट विक्रमादित्य ने अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर का निर्माण कराया था। अयोध्या और मध्यप्रदेश के घनिष्ट संबंध है। मध्यप्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता को भगवान श्रीराम का अशीर्वाद मिलता रहे और राज्य सरकार जन कल्याण और विकास के कार्य करती रहे इसके लिए भी प्रार्थना की। भगवान श्रीराम दयालू हैं, सब पर दया करते हैं, निश्चित ही उनका आशीर्वाद प्रदेश की जनता को मिलेगा।

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।