गढ़ाकोटा।भगवान कृष्ण की अनन्य भक्त  मां कर्मा देवी की जयंती धूमधाम से मनाई गई।

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गढ़ाकोटा ।नगर में प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी आज चैत्र कृष्ण एकादशी को मां कर्मा देवी की जयंती बड़े ही धूमधाम से मनाई गई।
जयंती की शुरुआत सुबह प्रभात फेरी से हुई जो नगर के प्रमुख चौराहे टॉकीज चौराहा, बजरिया ,बस स्टैंड चौराहा , बकोली चौराहा, रुई बाजार से होते हुए पटेरिया धाम में समाप्त हुई।
रास्ते में जगह-जगह पर धर्म प्रेमी बंधुओ एवं सामाजिक बंधुओ ने मां कर्मा का पूजा अर्चन किया।
पटेरिया धाम पर एक सामाजिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया जिसमें छोटे-छोटे बच्चों ने श्रीकृष्ण के मनमोहक गीतों से सबका मन मोह लिया।
भक्त शिरोमणि मां कर्मा देवी का जन्म चैत्र कृष्ण एकादशी संवत् 1073 को झांसी में हुआ था। इनकी माता श्रीमति कमला देवी पिता श्री राम शाह जी थे। बचपन से ही भगवान श्रीकृष्ण की अनन्य भक्त थी मां कर्मा देवी। मां कर्मा देवी का विवाह नरवरगड़ के चतुर्भुज  शाह से हुआ।
मां कर्मा को हमारे प्रमुख साधु संतों में से एक माना जाता है इनकी अनन्य भक्ति के कारण ही भगवान श्रीकृष्ण ने स्वयं इनको दर्शन दिए थे।
तभी से आज तक प्रतिदिन भगवान जगन्नाथपुरी जी को सर्वप्रथम प्रतिदिन भक्त शिरोमणि मां कर्मा देवी की खिचड़ी का भोग लगाया लगाया जाता है।
इसलिए कहा जाता है
जगन्नाथ के भात को।
जगत पसारे हाथ।।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रहे  श्री अभिषेक भार्गव ने कहा कि हम सबको गर्व होना चाहिए कि हमारे पूर्वज हमारे साधुसंत इतनी दृढ़ शक्ति और साधना वाले थे कि उन्होंने अपनी अनन्य भक्ति से भगवान को अपने हाथों से खिचड़ी खिलाई और आज भी सर्वप्रथम जगन्नाथ पुरी में मां कर्मा के नाम की खिचड़ी का ही भोग लगाया जाता है।
कार्यक्रम में साहू समाज गढ़ाकोटा के अध्यक्ष श्री ओम प्रकाश साहू एवं  साहू समाज गढाकोटा से युवा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष श्री ऋषि साहू ने कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं सभी सामाजिक बंधुओ का स्वागत किया ।
युवा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष श्री ऋषि साहू ने कहा हमें समाज को एक ऐसी दिशा में ले जाना है जिसमें हम अपने माता बहनों को पुरुषों के बराबर स्थान दे सकें एवं पुरुषों के बराबर ही हर क्षेत्र में सक्षम बना सके,

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।