गढ़ाकोटा ।वार्ड में हुआ जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन

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गढाकोटा – सागर जिले के गढाकोटा में शुक्रवार के दिन नगरपालिका द्वारा सुभाष वार्ड में जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया जिसमें नगरपालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि मनोज तिवारी,उपाध्यक्ष हरिनारायण पटेल,नीलेश दुबे सहित पार्षदगण एवं मुख्य नगरपालिका अधिकारी धनंजय गुमास्ता व नगर पालिका अधिकारी कर्मचारी गण उपस्थित रहे।
समस्या निवारण शिविर में वार्ड के लोगों द्वारा वार्ड कि समस्याओं के वारे अध्यक्ष प्रतिनिधि मनोज तिवारी को बताया गया जहां मौके पर अधिकारियों को नपाध्यक्ष प्रतिनिधि द्वारा निर्देशित कर समस्याओं के समाधान करने कि बात कही गई।
वही वार्ड के लोगों द्वारा मुख्य रोड स्थित नाली निर्माण कि बात कही गई जहां रोड पर गंदा पानी वह रहा था जिससे लोगों को निकलने में भारी परेशानी हो रही थी। और सड़क अतिक्रमण किया गया था लोगों कि समस्या को देखते हुए प्रतिनिधि द्वारा नाली निर्माण सहित सफाई हेतु सीएमओ को निर्देश किया गया। साथ संबंध अतिक्रमण के लोगों को नोटिस देने कि बात कही। इस अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह के आकस्मिक निधन पर उनको याद कर श्रद्धांजलि दी गई।
शिविर में दिनेश लहरिया,संजय खटीक,इन्द्रजीत चौहान,अजय नेमा,देवेंद्र यादव,परसोत्तम साहू सहित वार्ड के लोग उपस्थित थे
वाइट – मनोज तिवारी
नपाध्यक्ष प्रतिनिधि

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।

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