तेंदूखेड़ाः शासन के द्वारा करोड़ों अरबों रुपए खर्च करके जल जीवन मिशन के माध्यम से नल जल योजनाओं के माध्यम से हर घर में पानी पहुंचाने का प्रयास किया लेकिन लाखों रुपए की लागत से बनने वाली पानीं की टंकियों के निर्माण कार्य सालों से बंद पड़े हुए हैं। इतना नहीं गांवों में जहां तहां से सड़कें खोदकर निर्धारित मापदंडों को छोड़कर पाइप लाइनें तो डाल दी गई है, लेकिन उनकी पाइप लाइन की घटिया गुणवत्ता ऊपरी सतह पर पड़े रहने के कारण जहां तहां से टूट फूट गांव की गलियों में पानी का रिसाव परेशानी का कारण बना हुआ है।ग्राम सर्रा बंधी के सरपंच ने जानकारी देते हुए बताया कि सर्रा और बंधी गांव में पानी की टंकियों का निर्माण होना है, परंतु विगत एक साल से काम बंद पड़ा होने से पेयजल आपूर्ति सीधी ट्यूबवेल के गड्ढों से ही हो रही थी, जिसके
चलते पिछले छ माह से दोनों विद्युत मोटरें जली पड़ी होने के कारण गांव में पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। आने वाली गर्मी के समय में यह समस्या और भी विकराल रूप धारण करेगी लोगों को पेयजल आपूर्ति को लेकर परेशानी होगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में पूर्व से ही बनीं है समस्याः चांवरपाठा विकास खंड के अंतर्गत लगभग सभी ग्राम पंचायतों में पानी की टंकियों का निर्माण कराया जा रहा, लेकिन इनमें बहुत सी पंचायतों में निर्माण कार्य बहुत ही धीमी गति से चल रहा है। कहीं-कहीं तो एक दो साल से काम बंद पड़े हुए हैं। यहां पर सबसे विसंगति पूर्ण स्तिथि यह बनीं हुई है कि यहां पर पी एच ई अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया जाता है। जो विकासखण्ड का केवल कागजी आंकड़ा ही रखें हुए हैं, उन्हें गांवों की धरातलीय स्थिति का वास्तविक ज्ञान नहीं है।संवाददाता अमित खरे तेंदूखेड़ा


