तेंदूखेड़ा। युवा संसद में पल्लवी और पयोज का चयन,विधानसभा में होगा उद्बोधन

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तेंदूखेड़ा – मां नर्मदा अंचल क्षेत्र के अंतर्गत यहां पर काफी अच्छी कई क्षेत्रों में प्रतिभा है जिनका आकलन एवं उनकी प्रतिभा का प्रदर्शन समय-समय पर होता है जिसके द्वारा वास्तव में लगता है कि मां नर्मदा अंचल क्षेत्र वास्तव में सौभाग्यशाली है जहां पर अनेकता में एकता के दर्शन होते हुए कई प्रतिभाएं विभिन्न क्षेत्रों में है इसी क्रम में मां नर्मदा अंचल क्षेत्र तेंदूखेड़ा नगर की दो प्रतिभा द्वारा नगर का गौरव बढ़ाया है इस संबंध में प्राप्त समाचार के अनुसार विकसित भारत एक देश एक चुनाव पर नेहरू युवा केंद्र द्वारा नरसिंहपुर और छिंदवाड़ा जिले के दस प्रतिभागियों का चयन म प्र विधानसभा में युवा संसद हेतु हुआ है। जिसमें तेंदूखेड़ा के रचनात्मक सांस्कृतिक साहित्यिक विभिन्न सेवाभावी गतिविधियों में संलग्न रहने वाले प्रतिष्ठित मोदी परिवार के युवा समाजसेवी महीष मोदी के सुपुत्र पयोज मोदी एवं सुपुत्री कु पल्लवी मोदी का चयन युवा संसद के रूप में हुआ है इन दोनों प्रतिभागियों का मप्र की विधानसभा में उद्बोधन होगा। तेंदूखेड़ा के लिए यह गौरव का विषय है। दोनों छात्र भारत वर्ष के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दे चुके हैं। इनके उज्जवल भविष्य उत्तरोत्तर प्रगति की मंगल शुभकामनाएं बधाई। और सभी के द्वारा हर्ष व्यक्त किया है।संवाददाता अमित खरे तेंदूखेड़ा

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।

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