तेंदूखेड़ा ।मंत्री राव उदयप्रताप सिंह ने ली शिक्षा विभाग की बैठक

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तेंदूखेड़ा – प्रदेश के परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ विभाग की समीक्षा बैठक रविवार को सर्किट हाऊस नरसिंहपुर में ली। बैठक में तेंदूखेड़ा विधायक विश्वनाथ सिंह पटेल, कलेक्टर शीतला पटले, पुलिस अधीक्षक मृगाखी डेका, सीईओ जिला पंचायत दलीप कुमार मौजूद थे। बैठक में मंत्री सिंह ने कहा कि जिले में शिक्षा के स्तर को और बेहतर बनाना है। इसके लिए सभी बीईओ व बीआरसी स्कूलों का नियमित निरीक्षण अनिवार्यतः करें। इसकी मॉनीटरिंग के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिये कि वाट्सएप ग्रुप तैयार करें, जिसमें प्रतिदिन की गतिविधियों को अपडेट और निरीक्षण की रिपोर्ट प्रस्तुत की जाये। शिक्षा में कोताही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जायेगी। शिक्षा का दारोमदार आप पर है। स्कूलों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति हो लापरवाही करने वाले शिक्षकों के विरूद्ध सख्ती से कार्रवाई सुनिश्चित करें। बैठक में मंत्री श्री सिंह ने जिले में एफएलएन ट्रेनिंग की भी जानकारी ली।बैठक में मंत्री ने हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी की बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों की भी जानकारी ली। इसमें जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल अंतर्गत हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी की बोर्ड परीक्षाओं के लिए जिले में कुल 87 परीक्षा केन्द्र निर्धारित किये गये हैं। इन परीक्षा केन्द्रों पर कक्षा 10 वीं के 15 हजार 47 एवं कक्षा 12 वीं में 12 हजार 295 सहित कुल 27 हजार 342 परीक्षार्थी बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होंगे। सर्किट हाऊस में आयोजित इस बैठक में पं. रामस्नेही पाठक, जिला शिक्षा अधिकारी अनिल व्यौहार, डीपीसी आरपी चतुर्वेदी, समस्त बीईओ, बीआरसी, बीएसी और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।संवाददाता अमित खरे तेंदूखेड़ा

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।