दमोह ।नगर के युवा सचिन जैन (सीईओ, भारत ICT) ने बढ़ाया देश का मान
ऑस्ट्रेलिया की संसद में 5G तकनीक में उन्नत कार्य हेतु सम्मानित

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दमोंह/पथरिया के युवा सचिन जैन ने अपनी उन्नत सोच और कार्यक्षमता से एक बार फिर विदेश में न केवल अपने नगर पथरिया, बल्कि भारत का नाम रोशन किया। भारत ICT प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ, सचिन जैन को 12 दिसंबर 2024 को ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में आयोजित एक भव्य समारोह में एशिया-ऑस्ट्रेलिया बिजनेस कॉन्क्लेव और पुरस्कार – THE WCRCINTFEST पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार ऑस्ट्रेलिया की संसद, 6 मैक्वेरी स्ट्रीट, सिडनी, NSW 2000 में प्रदान किया गया।
इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए विभिन्न देशों की बड़ी कंपनियों ने भाग लिया था। लेकिन, WCRCINT द्वारा की गई मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद भारत ICT प्राइवेट लिमिटेड को यह सम्मान प्राप्त हुआ। सचिन जैन और उनकी कंपनी को विशेष रूप से 5G तकनीक में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए यह पुरस्कार दिया गया। उनकी कोशिशों ने न केवल भारत में, बल्कि वैश्विक स्तर पर 5G तकनीक के क्षेत्र में नए मानक स्थापित किए हैं।
सचिन जैन और उनकी टीम ने 5G तकनीक में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। उनकी कंपनी ने तेज और विश्वसनीय इंटरनेट सेवाएं प्रदान कीं, जो औद्योगिक क्षेत्र में बड़े बदलाव लाने में सहायक रही। इसके साथ ही, उनकी नेतृत्व क्षमता और तकनीकी विशेषज्ञता ने न केवल उनकी कंपनी को, बल्कि भारत को भी वैश्विक मंच पर एक मजबूत पहचान दिलाई।
यह पुरस्कार एक ऐतिहासिक अवसर था, क्योंकि इसमें विश्व के शीर्ष तकनीकी विशेषज्ञों और कंपनियों ने भाग लिया। सचिन जैन का यह सम्मान भारतीय तकनीकी क्षमताओं और नवाचार को वैश्विक स्तर पर मान्यता प्रदान करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम है। यह सम्मान भारतीय उद्यमिता, नवाचार और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रेरणा का स्रोत बनता है, और आने वाली पीढ़ियों को अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करता है।
आज, भारत ICT लगभग 200 लोगों की एक बड़ी टीम के साथ साल का 50 करोड़ रुपये के टर्नओवर वाली और तेजी से बढ़ने वाली भारत की एक प्रमुख कंपनी बन चुकी है। इस बड़ी उपलब्धि पर सचिन जैन के माता-पिता, भाई और पूरे नगरवासियों ने खुशी जताई है।दमोंह ब्यूरों चीफ/अर्जुन सिंह लोधी

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।

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