दलित जनपद अध्यक्ष जमना प्रसाद ने जताई नाराजगी कहा दलितों का अपमान

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

खुरई (टीएमई न्यूज)। खुरई जनपद पंचायत में इस बार स्वतंत्रता दिवस पर जिला पंचायत अध्यक्ष द्वारा झंडा फहराया जाएगा। जनपद पंचायत में आए पत्र के बाद दलित समाज के जनपद अध्यक्ष ने नाराजगी जताते हुए सागर कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ को ज्ञापन सौंपा है। जहां इस समय सरकार पूरे देश में तिरंगा यात्रा, हर घर तिरंगा जैसे अभियान चला रही है। वहीं दूसरी और जनपद पंचायतों, नगरीय निकायों में अपनी योग्यता से चुने गए दलित समाज के जनप्रतिनिधियों को देश की आन-बान और शान के पर्व 15 अगस्त को मुख्य शासकीय कार्यालयों में तिरंगा फहराने से रोकने का फरमान जारी कर रहे हैं।

एक ऐसा ही मामला खुरई में सामने आया है, हर बार खुरई नगर का मुख्य झंडा वंदन स्थानीय प्रतिनिधि करते आ रहे हैं, लेकिन इस बार 15 अगस्त को जिला पंचायत अध्यक्ष हीरासिंह राजपूत द्वारा झंडा वंदन किए जाने का पत्र प्राप्त हुआ है, जबकि, खुरई जनपद अध्यक्ष जमना प्रसाद अहिरवार को खिमलासा में झंडा वंदन करने का पत्र जनपद कार्यालय से प्राप्त हुआ है।अहिरवार बाहुल्य क्षेत्र के समाज के प्रतिनिधि को खुरई में झंडा वंदन से रोका जाना समाज का अपमान बताते हुए खुरई जनपद अध्यक्ष जमना प्रसाद ने विरोध जताते हुए एक ज्ञापन जिला कलेक्टर, सागर और जिला पंचायत सीईओ को सौंपा है।

जिसमें कहा है कि शासन के इस आदेश से हमारा समाज आहत है, अहिरवार समाज के अपेक्षित, प्रतिनिधि को झंडा वंदन किए जाने से रोका जाना निंदनीय है, जिसका सकल अहिरवार समाज विरोध दर्ज कराता है। जमना प्रसाद अहिरवार ने ज्ञापन में उल्लेख किया है कि कार्यक्रम में संशोधन कर खुरई में ही झंडा वंदन करने संबंधित पत्र जारी करने की मांग की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Ad
What is the capital city of France?

Hi

*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।