देवरी।लटक रहा ताला ,नहीं हुआ विद्यालय संचालित शिक्षको के  द्वारा बच्चों के भविष्य के साथ किया जा रहा खिलवाड़

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

देवरी।मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार में शिक्षा का स्तर गिरता हुआ नजर आ रहा है जहां बच्चों को उच्च शिक्षा  देने बात की जा रही है तो वही 1 अप्रैल से प्रदेश सरकार द्वारा प्रवेश उत्सव अभियान चलाया जा रहा है

रसेना संकुल स्कूल के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सुना पंजरा गांव रामनगर के प्राथमिक शाला स्कूल के दो शिक्षकों द्वारा जहाँ देश के मुख्यमंत्री एवं प्रदेश सरकार प्रवेश उत्सव अभियान चला रही है मगर यह शिक्षक सरकार को ठेंगा दिखाते हुए नजर आ रहे हैं




देवरी कला। मध्य प्रदेश की सरकार और शिक्षा विभाग भले ही सरकारी स्कूलों में बेहतर शिक्षा देने की बात करे लेकिन स्कूल में  पदस्थ शिक्षक बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं ऐसा ही मामला  सागर जिले के देवरी तहसील के रसेना संकुल अंतर्गत सुना पंजरा गाँव रामनगर जो कि आदिवासी टोला है इस विद्यालय में एक शिक्षक और एक शिक्षिका पदस्थ हैं जिसमें शाला प्रभारी रत्नेश तिवारी हैं और अंजली चौरसिया शिक्षिका है वह दोनों अपने मनमर्जी समय पर स्कूल संचालित करते हैं। यहाँ का प्राथमिक विद्यालय के बच्चे दो दिनों से विद्यालय आ रहे हैं, लेकिन विद्यालय नहीं खुल रहा है. इस कारण बच्चे बगैर पढ़ाई किये घर लौट जा रहे हैं. इससे कुछ अभिभावकों में रोष व्याप्त है. कुछ ग्रामीणों ने बताया कि गुरुवार को गांव के कई बच्चे स्कूल गये थे, लेकिन स्कूल नहीं खुलने के बाद बच्चे घर लौट आये. सुबह 12 बजे तक स्कूल में ताला लटक रहा था. बच्चे शिक्षक के आने का इंतजार करते रहे, लेकिन शिक्षक के नहीं आने के बाद निराश होकर घर लौट गये. ग्रामीणों के अनुसार आसपास के सभी स्कूल खुल गये हैं, लेकिन सुना पंजरा के रामनगर आदिवासी टोला प्राथमिक विद्यालय अब भी बंद है.कुछ ग्रामीणों ने नाम ना बताने की शर्त पर बताया कि शिक्षक मनमाना तरीके से स्कूल का संचालन करते हैं। अब देखना यह है कि इन शिक्षक और शिक्षिका पर शिक्षा विभाग के आला अधिकारी द्वारा क्या कार्रवाई करते हैं ।

इनका कहना है कि

मुझे अभी-अभी जानकारी मिली है कि रसेना संकुल के अंतर्गत आने वाली रामनगर प्राथमिक शाला का स्कूल बंद था मेरे द्वारा जन शिक्षक को विशेष रूप से रामनगर प्राथमिक शाला स्कूल का निरीक्षण करने को कहा गया है  दोनों शिक्षकों पर कार्रवाई की जाएगी

ब्रह्मानंद बचकैया
बीआरसी देवरी

आपके द्वारा मुझे बताया गया कि रामनगर प्राथमिक शाला स्कूल बंद है और जानकारी प्राप्त हुई है कि दिन बुधवार और गुरुवार को स्कूल बंद रहा स्कूल बंद करने का कोई भी आदेश जारी नहीं हुआ है रामनगर प्राथमिक शाला स्कूल में दोनों शिक्षकों का दो दिनों का वेतन काटा जाएगा और नोटिस भी जारी करवाता हूं

प्रभात लोधी
संकुल प्रभारी रसेना देवरी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Ad
What is the capital city of France?

Hi

*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।

Hi

*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।