देवास(पीपलरावा)।सेवानिवृत होने पर थाना प्रभारी का ऐतिहासिक स्वागत

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देवास पीपलरावा थाना प्रभारी कमल गहलोत के सेवानिवृत होने पर नगर के वरिष्ठ जनों की उपस्थिति में ऐतिहासिक विदाई समारोह आशीर्वाद रिजॉर्ट  मे आयोजित किया गया जिसमें नगर के सभी पत्रकारगणों एवं वरिष्ठ जनों तथा आसपास के पुलिस स्टाफ सहित आसपास के ग्रामीणजन उपस्थित रहे थाना प्रभारी कमल गहलोत के कार्यकाल में क्षेत्र में अपराधियों मे डर जमा रहा है तथा क्षेत्र में हो रही चोरियों पर भी लगाम लगाई देवास जिले के एक ऐसे जांबाज थाना प्रभारी की विदाई हुई है जिसने अपने सरल स्वभाव हसमुख शैली से सभी वर्गों का दिल जीत रखा था तथा उनके सेवा निवृत होने पेहले उनकी टीम के द्वारा 32लाख कि लुट का  पर्दाफाश किया उनका यह काम के लिए देवास पुलिस अधीक्षक के द्वारा सम्मानित किया गया  ऐसे ही उनके कार्य काल के द्वारा एसेअपराधीयो को पकड़ कर सलाखों के पीछे किया । अपराध पर अंकुश भी लगाया उनके 10 महीने के कार्यकाल में अपहरण हत्या लूट एवं चोरी करने वाले अपराधियों पर तुरंत एक्शन लेकर उनको सलाखों के पीछे भेजा है थाना प्रभारी कमल गहलोत ने अपनी बातों के मीठे अल्फाजों से कई विवाद का आपसी राजीनामा थाने पर ही निपटाए हैं शायद ही पीपलरावा थाने पर कोई ऐसा कमल खिल पाऐ थाना प्रभारी कमल गहलोत का पिपलरावा प्रेस क्लब द्वारा एक प्रतीक चिन्ह भेंट किया  एवं सभी वर्गों के लोगों ने शानदार स्वागत अभिनंदन किया आखिर में गेहलोत द्वारा सभी पधारे सभी का आभार व्यक्त किया।

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।