देवास।सीएम का दौरा विधायक ने सभा स्थल का लिया जयजा

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देवास पीपलरावां— मुख्यमंत्री मोहन यादव 10 फरवरी को पीपलरवा नगर मैं एक विशाल आम सभा करने जा रहे हैं जिसमें विधायक मंत्री और अन्य कार्यकर्ता शामिल होंगे
इसी कार्यक्रम का जायजा लने
विधायक डॉ राजेश सोनकर सभा
स्थल का मौका मुहाना किया इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव लाडली बहनa मुख्यमंत्री सम्मान निधि आदि योजनाओं शुभारंभ करेंगे । विधायक सोनकर ने एक मीटिंग कार्यकर्ताओं की नगर पीपलरावा सरस्वती शिशु मंदिर में आयोजित की नगर पंचायत अध्यक्ष कविता शर्मा  की उपस्थिति में कार्यकर्ता कि सभा आयोजित की जिसमें भारतीय जनता पार्टी के सभी कार्यकर्ता उपस्थित रहे नगर पंचायत उपाध्यक्ष राजेंद्र नाहर , महामंत्री देवनारायण शर्मा पार्षद, मंडल अध्यक्ष हरेंद्रसिंह पिलवानी, सरपंच जोलाई लाखन सिंह देवड़ा, शेष नरायण नाहर, विजय जोशी, अरुण नाहर, शिवप्रसाद पाटीदार, अरुण वर्मा, गोपाल पाटीदार, आनंद पाटीदार, हरेंद्र सिंह सेधव खुटखेडा, जनपद उपाध्यक्ष प्रतिनिधि मदन सिंह धाकड़, देवी सिंह नाहर प्रेम नारायण, मांगीलाल राठौड़ आदि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता त रहे ।

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।

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