देवास। देवास पलिस को  मिली सफलता

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

देवास  । देवास  पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। देवास जिले में लोगों से करोड़ों रुपये की हिस्सेदारी कर मजदूरों, दंपत्ति से ठगी करने वाले को पुलिस ने खोजा। दंपत्ति लोगों का पैसा पिछले सात साल से जुटाया करता था। पूरे मप्र के  अलग-अलग आठ जिलों में और एक महाराष्ट्र के स्टेशन पर भी इन तीनों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज हैं। दंपत्ति ने लोगों से साढे आठ करोड़ की लुट की हैं। देवास शहर में 98 लाख रुपये की व बरोठा में डेढ करोड़ की हिस्सेदारी में शामिल हैं। पुलिस टीम ने कड़ी मेहनत और अथक प्रयास से 7 घरों से अलग-अलग जिलो के 09 घरों के वांटेड अमीर, सचिन और उनकी पत्नी रीमा सिसौदिया जिनका नाम दोस्ती है और अपने छुपकर रहन-सहन के संबंध में जानकारी जुटाकर उनके वर्तमान निवास स्थान वडोदरा, गुजरात से गिरफ्तार किया गया। दंपत्ति को देवास में ले जाया गया, अलगाव-पृथम अपराध के संबंध में पूछताछ करने के लिए उनके करीब 8.5 करोड रूपये की और उनके साथीगणो द्वारा धोखाधडी करना बताया गया। शेष पूछताछ जारी है. तथापि, अन्य थानो से संपर्क कर विस्तृत जानकारी प्राप्त की जा रही है।लोगों को ऐसे ठगा.. चार लोगों ने डोरे की कंपनी की मेगा मैनाइड ट्रैकिंग कंसल्टेंसी सफाटेक प्रा.ली.के नाम से थी, जो सोशल मीडिया फेसबुक पर उनके लुकचुप के नाम से मशहूर थी, शेखावत के रूप में उन्हें आपरेट करने और उनके प्रमोशन करने के लिए अलग-अलग फ्रेंचाइज़ी और राज्य में काम करने के लिए लगभग 8.5 करोड़ रुपये की लुट की गई।

पति. पत्नी का आपराधिक रिकार्ड देवास

नववर्ष में देवास शहर में धारा 420,406,34 भादवि 98 लाख रूपये
बरोठा देवास 420,406,120बी, 34 भादवि,
1 करोड़ 50 लाख/रुपए
पीथमपुर धारा 420,34 भादवि 25 लाख रूपये
धर्मपुरी 420,409,120बी भादवि 15 लाख रुपए
शाजापुर 526/2020, 420,120बी,34 भादवि 1 करोड़ रुपए
औद्योगिक क्षेत्र,रतलाम 349/2023 ,420,34 भादवि 5 लाख 90 हजार
रुपये
तेजाजीनगर, इंदौर
390/2019 , 420,34 भादवि 80 लाख रुपये
नीलगंगा 59/2022,
420,34 भादवि 17 लाख रुपए
हिंजवाडी, पुणे महाराष्ट्र अप,  क्रं 734/2023 420,406 भादवि 04 करोड़ 39 लाख
94 हजार रुपये आदि अपराधों में संलिप्त है । देवास पुलिस को मिली सफलता का श्रेय पुलिस कप्तान देवास को जाता है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Ad
What is the capital city of France?

Hi

*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।

Hi

*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।