देवास। पीपलरावा टी, आई ,गहलोत हुए सेवानिवृत

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देवास पीपलरावा ।मेहनत इतनी शिद्दत से करो कि सफलता शोर मचा दे,
शायद यही सब कुछ कर दिखाया टी, आई, कमलसिंह गहलोत ने आरक्षक से बने टी, आई कमलसिंह गहलोत ने अपने पुलिस की नौकरी में 43 वर्षों में जनता की मदद से अपने सेवा काल में ,कभी भी सस्पेंड नहीं हुए, कारण बताओं नोटिस, किसी भी तरह की जांच, उनके सेवा कॉल में उनका सामना नहीं करना पड़ा ।
         पुलिस थाना पीपलरावा के 9:30 माह के कार्यकाल में सभी धर्म, जाति ,वर्ग ,संप्रदाय के लोगों के साथ निरपेक्ष तरीके से काम किया, इन्हीं सभी काम से प्रेरित होकर प्रेरणा प्रोत्साहन समिति पीपलरावां ने आज उनकी सेवानिवृत्ति पर तथागत गौतमबुद्ध एवं  संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ अंबेडकर का छाया चित्र देकर उन्हें साफा बांधकर पुष्प माला पहनाकर सम्मानित किया।
की आने वाले पुलिस अधिकारी भी आपसे प्रेरणा लेकर इसी तरह का जनता के साथ निरपेक्ष व्यवहार करे ।
सेवानिवृत होने पर विदाई समारोह में प्रमुख रूप से उपस्थित प्रेरणा प्रोत्साहन समिति के प्रदेश संयोजक एवं पूर्व पार्षद शंकर सिंदल,  दैनिक जागरण पत्रकार अंबाराम शिंदे, सी न्यूज़ संवाददाता साजिद पठान, कैलाश ठेकेदार, एमपी टुडे एक्सप्रेस जिला चीफ ब्यूरो विष्णु शिंदे, विजय शिंदे, भूपेंद्र शिंदे, शहर काजी  जाकिर हाफिज साहब, संतोष कुमार सिंदल एवम् प्रधानारक्षक बाबूलाल पटेल सहित पुलिस स्टाफ उपस्थित थे ।

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Hi

*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।

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