देवास पीपलरावा। प्रतिमाओं को रथ पर बैठाकर नगर भ्रमण करवाया

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देवास पीपलरावां। मालीपुरा राम मंदिर प्राणप्रतिष्ठा महोत्सव के अंतर्गत सोमवार को भगवान की प्रतिमाओं को रथ में विराजित कर बैंडबाजे के साथ नगर भ्रमण करवाया। शोभायात्रा में बजरंग अखाड़े के पहलवान करतब दिखाते तथा डीजे पर नाचते युवा व सिर पर कलश धारण कर महिलाएं चल रही थी। ढोल की थाप पर नाचती घोड़ियां, तलवार घुमाती बालिकाएं व बाहुबली हनुमान आकर्षण का केंद्र थे।पं ओमप्रकाश शास्त्री के आचार्यत्व में यजमान के रूम में समाज के 15 दंपत्ति भगवान के विग्रह की अगुवाई कर रहे थे। बुधवारिया बाजार में शहर काजी के नेतृत्व में मुस्लिम समाज ने,तथा मिठीकुंडी पर सत्यनारायण नाहर परिवार, मुकाती परिवार, राठौर समाज, रविदास मित्रमंडल, बस स्टैंड पर पार्षद मोनू भावसार, श्रीराम मार्केट में आनंद पाटीदार, महेश माइकल, तथा इतवारिया बाजार में विहीप बजरंग दल ने यात्रा का स्वागत किया। त्रिकाल मित्र मंडल व पवन मुकाती ने फलाहार तथा पूर्व नप अध्यक्ष प्रभुशंकर राठौर व धर्मेन्द्र राठौर ने चाय का वितरण किया। पुजारी भगवानदास वैरागी, यशवंत नेहरू, राजेन्द्र बागवान,पार्षदद्वय मुकेश बागवान व शेखर यादव , हिमांशु खत्री,  अरुण मकवाणा, सुभाष गोयल सहित शाजापुर,आगर, देवास , सोनकच्छ, पोलाय, उज्जैन, भौंरासा, से बड़ी संख्या में आए समाज जन उपस्थित थे।

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।

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