धामनोद।सबका साथ, समाज का विकास के उद्देश्य से अंतर्राष्ट्रीय  दिगम्बर जैन पोरवाड़ सामाजिक मंच हर बार कुछ नई गतिविधि समाज जनों के लिए लेकर आता है

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धामनोद//। मुख्य सांस्कृतिक प्रभारी आतिश जैन ने बताया कि इस पहल से हमारे समाज के अध्यक्षों का मान बढ़ेगा , समाज अध्यक्ष स्थानीय समाज का प्रथम नागरिक होता है जो अपने विवेक से समाज व धर्म को संभालने के अपना समर्पण देता है , मंच ऐसे समाज के सभी अध्यक्षों का सम्मान करने से अपने आप को गौरांवित महसूस कर रहा है , पहली बार हो रहे हैं इस प्रकार के सम्मान से समाज को एक सूत्र में बढ़ने में मदद मिलेगी छोटे बड़े नगरों के करीब 17 अध्यक्षों को” पोरवाड़ सामाजिक रत्न सम्मान ” से सम्मानित किया जाएगा महिला प्रकोष्ठ सांस्कृतिक सचिव  आयुषी जैन बड़वाह एवं महिला प्रकोष्ठ मुख्य सचिव ऋतु जैन चंडीगढ़ ने बताया कि मंच द्वारा समाज की सेवा करने वाले व्यक्तित्व का सम्मान किया जाता है इसी कड़ी में श्रीमती कनक लता प्रेमचंद जैन इंदौर को,” विदुषी समाज रत्न” के रूप में मरणोपरांत सम्मानित  किया गया। महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष नीना जैन ने बताया कि श्रीमती कनक लता जी ने नारी सशक्तिकरण शिक्षा एवं सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में जो अनुकरणीय योगदान दिया है वह प्रशंसनीय एवं वंदनीय है आपने अपनी प्राणवंत ऊर्जा से समाज को नव चेतना देकर उन्नयन के पथ पर प्रदर्शित किया है समन्वय स्नेह सहयोग जैसे मानवीय गुणों  से आपका व्यक्तित्व अलंकृत है, आपके द्वारा समाज के विभिन्न क्षेत्रों मंदिरों सेवा कार्यों में अपना अभूतपूर्व योगदान दिया है आप जैसी विदुषी महिला पोरवाड़  समाज में ना हुई है ना होगी , सम्मानित करने में मुख्य रूप से इंदौर झोंन अध्यक्ष नवीन जैन, सचिन जैन पूर्व अध्यक्ष प्रकाश जैन , सुदर्शन जी आदि उपस्थित थे

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Hi

*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।

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