धामनोद ।धामनोद में फिर काम पुल से  वाहन गिरा दो लोग हुए घायल कल पूर्व विधायक की कार नीचे गिरी थी

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धामनोद ।धार और खरगोन जिले को जोड़ने वाले कारक नदी के पुल पर मंगलवार सुबह फिर एक हादसा हो गया एक मिनी पिकअप कर से बचने के चक्कर में बेकाबू होकर नीचे नदी में जा गिरा जिससे वहां में बैठे दो लोगों को चोट आई कल इसी पुल पर से धर्मपुरी क्षेत्र के पूर्व विधायक पाचीलाल   मेडा की  कार भी नीचे गिर गई थी जिसके कारण वह घायल हो गए थे जानकारी के अनुसार वाहन क्रमांक एमपी 13 जेड एम6050 को लेकर ड्राइवर गोलू पिता किशन परदेसी उम्र 24 और हेल्पर करंट पिता जगदीश बरेला उम्र 24 ग्राम नजरपुर थाना मंडलेश्वर धामनोद की ओर अपने वाहन को सर्विसिंग कराने लेकर आ रहे थे अचानक एक तेज गति की कर के सामने पर पिकअप पुल के नीचे जय गिरा जिसमें दो लोगों को चोट आई है दोनों ने जानकारी अपने वाहन मालिक को दी तो वह आए और महेश्वर अस्पताल ले गए जहां उनका इलाज चल रहा है
फूलों की सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवाल
कारण नदी के पुल से गुजरने वाले वाहन की सुरक्षा पर उठ रहे हैं क्योंकि नए पुल का निर्माण होते-होते रुक गया था जिसके बाद इस फूल से आवागमन चालू है और इसके दोनों और कोई रेलिंग नहीं है जिससे सुरक्षा पर गंभीर खतरा रहता है

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।