धामनोद ।मरणोपरांत महिला के नेत्र दान चार लोगों की जिंदगी में फिर आएगी बहार देख सकेंगे संसार

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धामनोद ।नेत्रदान महादान की लाइन को चरितार्थ करते हुए परिजनों की समाधि से रोटरी क्लब ने रविवार कल सुबह नेत्रदान करवा शनिवार देर रात धामनोद के कारोबारी प्रवीण कुमार जैन की सास सुशीला बाई जैन का निधन हो गया रात्रि में ही परिजनों ने रोटरी क्लब धामनोद के सदस्य से संपर्क किया सूचना मिलते ही क्लब के सदस्य सक्रिय हुए और कल सुबह ही उनके निवास पर जाकर क्लब के नेत्रदान प्रभारी प्रकाश राठौड़ और मनीष ने डॉक्टर सुरेखा जैन और वार्ड बॉय सुरेंद्र मंडली को साथ ले जाकर नेत्रदान प्रक्रिया संपन्न करवाई डॉक्टर सुरेखा जैन ने आंखों का कार्य निकला जिसे मी इंटरनेशनल आई बैंक इंदौर भेजा गया जो की चार लोगों को जीवन में रोशनी प्रदान करेगा जैन परिवार के प्रवीण जैन ने बताया कि मृत्यु पश्चात ही परिजनों की नेत्रदान की इच्छा थी इसके लिए हमने लॉटरी क्लब से संपर्क किया जिन्होंने रात्रि में ही सभी प्रक्रिया संपन्न करवाई क्लब के सचिव शैलेंद्र जायसवाल ने बताया कि इस वर्ष 2024 में जैन समाज महेश्वर और धनबाद परिवार वह में मांडो प्रांत कुल चार नेत्रदान हुए उन्होंने कहा कि ऐसी जागरूकता सभी में होना चाहिए इस दुख की घड़ी में इतना कठिन निर्णय लेने पर जैन परिवार को साधुवाद दिया और वही बताया कि रोटरी क्लब धामनोद और क्लब के नेत्रदान प्रभारी प्रकाश राठौड़ के प्रयासों से यह 64 वा नेत्रदान है

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।