पवई।मुकेश पाठक बने मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के ब्लॉक अध्यक्ष
ब्लॉक एवं तहसील स्तरीय  कार्यकारिणी गठित

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पवई। जनपद शिक्षा केंद्र में बैठक संपन्न
मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष एवं जिला क्रीडा अधिकारी राजेश मिश्रा की अध्यक्षता,शिवकुमार मिश्रा संरक्षक,सुनील खरे राज्य कर्मचारी संघ सहसंयोजक एवं राजेंद्र सिंह राज्य कर्मचारी संघ सहसंयोजक के तत्वाधान में बुधवार को पवई जनपद शिक्षा केंद्र में अधिकारी कर्मचारियों की बैठक संपन्न हुई। जिसमें पवई ब्लॉक एवं तहसील स्तरीय राज्य कर्मचारी संघ की कार्यकारिणी का गठन किया गया। शिक्षक मुकेश कुमार पाठक को सर्व सम्मति से ब्लॉक अध्यक्ष नियुक्त किया गया, मनोज कुमार परोहा को तहसील अध्यक्ष,अनिल रावत कोषाध्यक्ष,अनिल पटेल सचिव, सह कोषा अध्यक्ष आशीष विश्वकर्मा,तहसील सचिव नीरज कुमार और सौरभ जैन को तहसील उपाध्यक्ष बनाया गया।  इस अवसर पर जिला अध्यक्ष के द्वारा समस्त नवनियुक्त कर्मचारियों को उनको नियुक्ति पत्र सौंपते हुए उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी।  इस अवसर पर सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी राम भुवन बागरी,शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य आर एस गुप्ता,राज्यपाल से सम्मानित शिक्षक सतानंद पाठक,राजेश पाठक एडवोकेट, अरविंद्र दिवाकर पांडे,रवि शंकर सिंह सहित अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष ने कहा कि अधिकारी कर्मचारियों की हर जायज मांग को शासन, प्रशासन से पूरा करने के लिए प्रयास रत रहेंगे।पवई मध्य प्रदेश
रिपोर्टर राम सिंह पवई

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।