पवई । प्रति वर्ष की भांति वन विभाग द्वारा इस वर्ष भी तीन दिवसीय शीतकालीन गिद्ध गणना की शुरुआत 17 फरवरी से होने जा रही है।जिस संबंध में वन मंडल दक्षिण पन्ना के वन परिक्षेत्र पवई में गिद्धों की पहचान, गणना की प्रक्रिया की जानकारी तथा गिद्धों के बारे में आम जनमानस में जागरूकता बढ़ाने के लिए आज कार्यशाला आयोजित की गई। परिक्षेत्र पवई पन्ना जिले में गिद्धों की आबादी के मामले में सबसे समृद्ध स्थलों में से एक है।विगत वर्षों में यहां गिद्धों की विभिन्न 7 प्रजातियों के 500 से ज्यादा गिद्ध पाए गए हैं। कार्यशाला में मुख्य वन संरक्षक श्री नरेश यादव ने गिद्धों का महत्व बताते हुए गिद्ध गणना की गंभीरता को कर्मचारियों को बताया । सीडीओ वन डॉ कल्पना तिवारी ने गिद्धों को विभिन्न दवाइयों से होने वाले गिद्धों को नुकसान के बारे में बताया।परिक्षेत्र अधिकारी नीतेश पटेल के द्वारा गिद्धों की पहचान के बारे में जानकारी दी गई।वन संरक्षक छतरपुर ने रेंज के कर्मचारियों को तकनीक रूप से दक्ष बनाने और कार्यों के तकनीकी रूप से उत्कृष्ट बनने के लिए एंड्रॉयड मोबाइल भी वितरित किए गए कार्यशाला में वरिष्ठ अधिकारियों के अतिरिक्त पूरी रेंज का स्टाफ उपस्थित रहा। रिपोर्टर राम सिंह पवई


