बीना । रेलवे उपभोक्ता उपयोगिता सलाहकार समिति सदस्य संतोष ठाकुर का विधायक ने किया स्वागतबीना रेलवे की स्थानीय समस्याओं एवं रेलवे स्टॉपेज को लेकर सौंपे पत्र

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बीना। भोपाल रेल मंडल के 27 रेलवे स्टेशनों से परिचालन करने वाले हजारों यात्रियों और रेलवे उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए सांसद लता वानखेड़े की अनुशंसा पर स्थानीय पूर्व सरपंच एवं भाजपा नेता संतोष सिंह ठाकुर नौगांव को डीआरयूसीसी (रेलवे उपभोक्ता उपयोगिता सलाहकार समिति) का सदस्य नियुक्त किया गया है। ठाकुर का स्वागत स्थानीय विधायक एड. निर्मला सप्रे के कार्यालय पर किया गया। इस अवसर पर विधायक ने संतोष सिंह ठाकुर को तिलक लगाकर एवं पुष्प गुच्छ देकर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर विधायक निर्मला सप्रे ने सांसद लता वानखेड़े को रेलवे की मांगों और समस्याओं के संदर्भ में पूर्व में सौंपे गए पत्रों की प्रतिलिपियां भी संतोष सिंह ठाकुर को सौंपाी और उनसे मांग की, कि संबंधित समिति की रेलवे अधिकारियों से होने वाली बैठक में बीना में वंदे भारत ट्रेन का स्टॉपेज, सागर मेमू ट्रेन का समय परिवर्तन, बीना रेलवे स्टेशन की सफाई व्यवस्था, रेलवे स्टेशन पर जनता खाना एवं उच्च गुणवत्ता वाली खाद्य सामग्रियों आदि का विक्रय कराने के संदर्भ में अपनी बात रखें। विधायक ने सांसद लता वानखेड़े का भी आभार जताया कि उन्होंने इस रेलवे के बड़े पद के लिए बीना के वरिष्ठ नेता का चयन किया। इस अवसर पर संतोष सिंह ठाकुर ने विधायक का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बीना रेलवे क्षेत्र के विस्तार एवं विकास के साथ-साथ उपभोक्ताओं की समस्याओं को लेकर रेलवे की बैठकों में आवाज उठाऊंगा। उन्होंने विधायक निर्मला सप्रे को आश्वस्त किया कि बीना विधानसभा क्षेत्र के रेलवे उपभोक्ताओं के हितों के लिए संकल्पित रहूंगा। इस अवसर पर पर रतन यादव, राजेश राय, डॉ. मनोज श्रीवास्तव, शैलेश शाह, दीनदयाल भदौरिया, स्वामीचरण तिवारी, अनूप जैन, अजवीर सिंह ठाकुर आदि सहित अन्य लोग शामिल रहे।

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।