मोदी की चेतावनी – मुझे धमकी न दें, मैं महाकाल का भक्त हूं : बालाघाट चुनावी जनसभा में पीएम मोदी

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

बालाघाटा। मध्यप्रदेश के बालाघाट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अब तक जो विकास के कार्य किए हैं वो तो फुलझड़ी है। अभी तो विकास के रॉकेट को और भी ऊंचाई पर लेकर जाना है। पीएम मोदी ने कहा कि अभी तो ये ट्रेलर है। अभी भारत को नए मुकाम पर ले जाना है। उन्होंने कहा कि मोदी मौज करने के लिए पैदा नहीं हआ है। पीएम मोदी ने खुद को भगवान महाकाल का भक्त बताया। उन्होंने कहा कि मोदी या तो महाकाल के सामने झुकता है या फिर जनता जनार्दन के सामने। बालाघाट में पीएम मोदी ने बीजेपी के पक्ष में चुनावी सभा को संबोधित किया। प्रधानमंत्री मोदी ने बालाघाट में जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने सभा में उमड़ी भीड़ को देखकर कहा- इतनी बड़ी तादाद में माताओं-बहनों का प्यार साफ दिखा रहा है कि 4 जून को मध्यप्रदेश में क्या परिणाम आने वाले हैं। विधानसभा चुनाव में ही आपने कांग्रेस को पूरी तरह साफ कर दिया है। पीएम मोदी ने कहा कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के लोग भाजपा से नहीं लड़ रहे, वो तो आपस में एक दूसरे से लड़ रहे हैं।

बालाघाट से गोंदिया ब्रॉडगेज रेलवे लाइन का काम मोदी ने पूरा किया

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- सबका साथ सबके विकास के मंत्र पर बीजेपी सरकार काम कर रही है। देश के हर शहर को, हर गांव को प्राथमिकता दे रही है। सिवनी-नागपुर के बीच फोरलेन हाईवे हो, गोंदिया- बालाघाट-सिवनी हाईवे हो, नर्मदा प्रगति पथ हो, विंध्य प्रगति पथ हो, आधुनिक वंदेभारत ट्रेन हो, एमपी के 80 रेलवे स्टेशनों का विकास हो, बीजेपी सरकार एमपी का कायाकल्प कर रही है।

पीएम ने कहा बालाघाट से गोंदिया वाली जिस ब्रॉडगेज रेलवे लाइन की नींव करीब 30 साल पहले रखी गई थी, उसे भी मोदी ने आकर पूरा किया। बालाघाट की वारासिवनी हैंडलूम साड़‌यिों को जीआई टैग मिले, बनारसी साड़‌यिों की तरह उनकी भी धूम मचे, बीजेपी सरकार इसके लिए भी काम कर रही है। यही विकसित मध्यप्रदेश से विकसित भारत की मोदी की गारंटी है। इंडी गठबंधन देश के विकास को रोकना चाहता है प्रधानमंत्री मोदी कहा कांग्रेस ने अब इंडी गठबंधन बनाकर देश के खिलाफ बिगुल फूंक दिया है। ये आपस में लड़ते हैं लेकिन कहते हैं कि मोदी को रोकने के लिए साथ आए हैं लेकिन असल में उन्हें मोदी को नहीं रोकना है बल्कि उन्हें देश के विकास को रोकना है। कांग्रेस अभी भी अपनी पुरानी मानसिकता में जकड़ी मोदी ने कहा- कांग्रेस अभी भी अपनी पुरानी मानसिकता में जकड़ी हुई है। भाजपा जब आदिवासी महिला राष्ट्रपति के लिए आगे बढ़ी, तब कांग्रेस ने उन्हें हराने के लिए पूरी ताकत लगा दी। कांग्रेस आजादी का श्रेय किसी आदिवासी को नहीं, अपने शाही परिवार को देना चाहती है। हमारी सरकार ने टंट्या मामा जैसे कई आदिवासी क्रांतिकारियों को सम्मान दिया।

पीएम बोले मोदी भक्त है महाकाल का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- जो लोग अपनी तिजोरियां भरने राजनीति में आए हैं वे मोदी को धमकी न दें, मोदी तो अपनी कमाई भी देश सेवा में लगा देने की आदत रखता है। मोदी महाकाल का भक्त है, मोदी झुकता है तो या तो जनता जनार्दन के सामने या महाकाल के सामने ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Ad
What is the capital city of France?

Hi

*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।