मोहन बड़ोदिया। मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना में 231 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ

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मोहन बड़ोदिया  । जनपद पंचायत मोहन बड़ोदिया की ग्राम पंचायत कुमारिया खास के श्री मनकामेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में आज गुरुवार सुबह 9 बजे से मुख्यमंत्री कन्या विवाह/ निकाह योजना के तहत 231 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। इनमें 155 हिंदू और 76 मुस्लिम जोड़े शामिल थे। गायत्री परिवार के मंत्र उच्चारण के साथ 155 जोड़ों का विवाह संपन्न करवाया गया।
इस अवसर पर विधायक अरुण भीमावद ने आज गुरुवार दोपहर 3 बजे कहा, “यह एक ऐतिहासिक पल है, जब हमारे समाज के 231 जोड़े एक साथ विवाह बंधन में बंध रहे हैं। यह हमारे समाज की एकता और सौहार्द का प्रतीक है।” उन्होंने आगे कहा, “मुख्यमंत्री कन्या विवाह/ निकाह योजना हमारे समाज की गरीब और वंचित लड़कियों के लिए एक वरदान है। यह योजना उन्हें अपने जीवन की नई शुरुआत करने में मदद करती है।” आपका जानकारी देते हुए बता दे, मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना मध्यप्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई एक महत्वाकांक्षी योजना है। इसका उद्देश्य गरीब और वंचित परिवारों की लड़कियों के विवाह के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत सरकार लड़की के परिवार को 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करती है।
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत जनपद पंचायत मोहन बड़ोदिया की ग्राम पंचायत कुमारिया खास के श्री मनकामेश्वर मंदिर प्रांगण में 231 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। यातायात को लेकर मोहन बड़ोदिया थाना प्रभारी प्रेम किशोर व्यास मय पुलिस बल के मौजूद रहे, मोहन बड़ोदिया थाना स्टाफ ने यातायात व्यवस्था को संभालते हुए आने जाने वाले मार्गो पर बड़े वाहनों डायवर्ट किया, सम्मेलन में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे,इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्रीय भाजपा विधायक अरुण भीमावद,जिला कलेक्टर, जिला पंचायत अध्यक्ष हेमराज सिंह सिसोदिया,मोहन बड़ोदिया जनपद सीईओ अमृतराज सिसोदिया,जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि जगदीश चौधरी,जनपद से पीसीओ रामलाल रावल,मुरलीधर भालौट,ग्राम पंचायत दुधाना सरपंच राकेश जायसवाल,ग्राम पंचायत खोरिया एमा सरपंच श्रीमती अनिता हेमराज पाटीदार,सभापति जिला पंचायत जगदीश फौजी सहित ग्राम पंचायतों के सचिव और सहायक सचिव भी अपनी सेवा देते दिखे एवं क्षेत्र के मंडल अध्यक्ष जगदीश पाल सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
इस दौरान सरपंच संघ की ओर से 231 जोड़ों (कन्याओं) को 5-5 घरेलू उपयोग आने वाले बर्तन का कन्यादान भी ग्राम पंचायतों के सरपंच की ओर से किया गया। यह एक अनोखा और सुंदर कदम था, जो कन्याओं को उनके नए जीवन की शुरुआत में मदद करने के लिए उठाया गया था।

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।