मोहन बड़ोदिया । वाटरशेड यात्रा अभियान को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, कलेक्टर, विधायक सहित जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

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मोहन बड़ोदिया  – कृषि जगत प्रणाली वाटरशेड फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के डायरेक्टर दिनेश कुमार कलमोदिया ने  जानकारी देते हुए बताया कि, ग्राम पंचायत कुम्हारियाखास में विधायक शाजापुर अरूण भीमावद, जिला पंचायत अध्यक्ष हेमराज सिंह सिसोदिया एवं कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना द्वारा वाटरशेड यात्रा अभियान अंतर्गत प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। भूमि संसाधन विभाग भारत सरकार से प्राप्त निर्देशो के अनुक्रम मे प्रदेश में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना – वाटरशेड 2.0 परियोजना के कार्यक्षेत्र में वाटरशेड यात्रा अभियान का आयोजन किया जा रहा है। जिसका मुख्य उदेश्य मिटटी-जलसंरक्षण और वाटरशेड संरचनाओं के विकास के प्रति आम जन को जागरूक करना है एवं विभिन्न गतिविधियो एवं कार्यक्रमो का आयोजन कर जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय स्तर पर अधिक से अधिक ग्रामीणों तक प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना – वाटरशेड विकास 2.0 परियोजना की उपयोगिता, किये गये कार्यो इनके परिणामों और इनसे ग्रामीणो को प्राप्त हुये लाभो के संदर्भ मे जागरूकता एंव सहभागिता को बढाना है। यात्रा का शुभारंभ 18 फरवरी 2025 को केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में जलसंर्वधन एवं जल संरक्षण के महत्वपूर्ण संदेश के साथ वाटरशेड यात्रा प्रारंभ की गई है। उक्त के क्रम में ही जिला शाजापुर मे यात्रा प्रारंभ की गई, उल्लेखनीय है कि वाटरशेड यात्रा अभियान के मुख्यतः दो घटक होंगे -प्रथम घटक के अंतर्गत परियोजना के ग्रामों में जलसंरक्षण एवं संवर्धन की जागरूकता के लिए विद्यालयों में निंबंध प्रतियोगिता, चित्रकला प्रतियोगिता, पानी की रैली, पानी की पाठशाला, सार्वजनिक दीवारो पर सचित्र लेखन की गतिविधियों का आयोजन किया गया है। इसी तरह द्वितीय घटक के तहत शाजापर जिले मे प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना – वाटरशेड विकास 2.0 योजना के विभिन्न आयामो को समाहित कर भारत सरकार द्वारा डिजाईन की गई प्रचार रथ (वैन) का परियोजना के क्षेत्रो में भ्रमण जो 20 फरवरी से 21 फरवरी 25 एवं 24 फरवरी से 25 फरवरी 25 तक परियोजना क्षेत्र के ग्रामो मे भ्रमण करते हुये ग्रामीणजनो को संवेदित एवं जागरूक करने का कार्य करेगी। यात्रा के माध्यम से वाटरशेड महोत्सव, श्रमदान  वृक्षारोपण एवं जागरूकता की गतिविधियाँ की जा रही है। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ संतोष टैगोर,जनपद सीईओ अमृतराज सिसोदिया, जिला परियोजना अधिकारी विश्वास तारे,परियोजना के टीम लीडर विजय राठौड़,गौरव शर्मा,पंकज मिश्रा, आशुतोष गुप्ता एवं जनपद पंचायत मोहन बड़ोदिया का समस्त स्टाफ मौजूद रहा.

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।