रहली ।ब्लाक की कई ग्राम पंचायतों में नियमविरुद्ध तरीके से कच्ची रसीदों पर भुगतान कर फर्जीबाड़ा किया जा रहा है।हमारे संवाददाता के द्वारा फर्जीबाड़े का खुलाशा किए जाने के बाद से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।

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रहली ।ब्लाक की कई ग्राम पंचायतों में कच्ची रसीदों पर बिलो भुगतान कर फर्जीबाड़ा किया जा रहा है।पंचायतों में हो रहे फर्जीबाड़ो को विभागीय अधिकारियों के द्वारा अनदेखा किया जा रहा है।रहली ब्लाक की चार ग्राम पंचायतों में नियम विरुद्ध तरीके से किए जा रहे भुगतानों एवं अन्य प्रकार की वित्तीय अनिमितताओं की प्रमाणों के साथ जब हमारे संवाददाता ने पोल खोली तो जनपद सीईओ के द्वारा जांच कर कार्यवाही करने का आश्वासन दिया गया है।
एंकर-/ न नियम न कायदा न कानून न खाता न वही सरपंच सचिव जो करे वही सही।उक्त कहावत पिछले कुछ समय से रहली ब्लाक की कतिपय पंचायतों में चरितार्थ हो रही है।कुछेक पंचायतों के सरपंच सचिव नियमो का ताक पर रखकर खुलेआम फर्जीबाड़ा कर रहे है और मजेदार बात ये है कि जनपद के जिम्मेदार अधिकारी सरपंचो सचिवों के कारनामो से बेखबर है या फिर ये भी इस फर्जीबाड़े में शामिल है।जो जानकारियां पंचायत दर्पण पर सार्वजनिक है उनकी जानकारी अधिकारियों जनप्रतिनिधियों को नही होना संदिग्ध है।हमारे चैनल के संवाददाता ने पंचायत दर्पण पोर्टल पर अपलोड जानकारियों की जब जमीनी हकीकत का जायजा लेकर चार ग्राम पंचायतों में चल रहे बड़े फर्जीबाडे का खुलाशा किया गए।

01 ग्राम पंचायत नबलपुर में कच्ची रसीद पर साफ सफाई के नाम पर 25 हजार रुपए निकाले गए है लेकिन काम नही किया गया है।

02, इसी प्रकार ग्राम पंचायत बरखेरा सिकन्दर में दुकानदार के बिल का भुगतान सरपंच के खाते में किया गया है जो नियम विरुद्ध है।

03, दरारिया ग्राम पंचायत सचिव द्वारा फोन पे से पंचायतों के बिलो का भुगतान कर फर्जीबाड़ा किया जा रहा है।

04,ग्राम पंचायत हरदी में भी कच्ची रसीदों पर भुगतान कर फर्जीबाड़े का पर्दाफास किया गया है।जनपद सीईओ आर जी अहिरवार के द्वारा जांच कर कार्यवाही की बात कही जा रही है।
अहिरवार,जनपद सीईओ

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Hi

*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।