ललितपुर।श्री भगवत दयाल सिंधी के आकस्मिक निधन पर शोक जताया प्रबंध समिति व महाविद्यालय प्रशासन की शोकसभा सम्पन्न

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ललितपुर। नेहरू महाविद्यालय ललितपुर में प्रबंध समिति के पदाधिकारियों/सदस्यों एवं महाविद्यालय के छात्र/छात्राओं, प्राध्यापकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की शोकसभा सम्पन्न हुई। इसमें प्रबन्ध समिति के वरिष्ठ सदस्य भगवत दयाल सिंधी के आकस्मिक निधन पर शोक व्यक्त किया गया एवं ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं शोक संतप्त परिवार को धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की गई।
इस अवसर पर प्रबंध समिति अध्यक्ष शरद खैरा, उपाध्यक्ष विलास पटैरिया, मंत्री/प्रबंधक प्रदीप चैबे, उप मंत्री हरदयाल सिंह लोधी, वरिष्ठ सदस्य अशोक गोस्वामी, आदित्य नारायण बबेले, रामेश्वर प्रसाद सड़ैया, हरीराम निरंजन, बब्बूराजा बुन्देला, महेश श्रीवास्तव, अशोक श्रीवास्तव, प्रदीप गुप्ता, उदित रावत, धर्मेन्द्र रावत, गिरीश पाठक, महेन्द्र पाराशर, महेश प्रसाद अनौरा, रामबाबू गोस्वामी, वीरेन्द्र तिवारी, रामकृष्ण साहू, संतोष चैबे, अजय जैन साईकिल, रघुवीरशरण तिवारी, अनूप ताम्रकार, ओमप्रकाश बिरथरे, गोविन्द व्यास, प्राचार्य प्रोफे. ओमप्रकाश शास्त्री, प्रो आशा साहू, प्रो अनिल सूर्यवंशी, हिमांशधर द्विवेदी, जितेन्द्र कुमार, डॉ रोशन कुमार सिंह, डाॅ सुधाकर उपाध्याय, डाॅ. सुभाष जैन, डाॅ संजीव शर्मा, डाॅ सूबेदार सिंह, डाॅ. शैलेन्द्र सिंह चौहान, डाॅ. रामकुमार रिछारिया, डाॅ लक्ष्मीकान्त मिश्रा, डाॅ. अरिमर्दन सिंह, डाॅ. विनीत अग्निहोत्री, संदीप श्रीवास्तव, डाॅ. अनूप दीक्षित, डाॅ. ऊषा तिवारी, श्वेता आनंद, डाॅ. वर्षा साहू, डाॅ. अभिलाषा साहू, डाॅ. जगत कौशिक, डाॅ. संतोष सिंह, इं. सौरभ श्रीवास्तव, इं. विपिन शुक्ला, डाॅ. संतोष शुक्ला, डाॅ. गीरेन्द्र सिंह, डाॅ. दीपक पाठक, डाॅ. प्रीति सिरोठिया, डाॅ. रेनू चंदेल, डाॅ. रजनी चैबे, डाॅ. बलराम द्विवेदी, फहीम बख्श, अंकित चैबे, हरिप्रसाद, जयंत चैबे, श्रीपत सिंह, भरत सिंह, संजय शर्मा, कमलेश, राकेश, कामता, मिलन सेन, आकाश सोनी आदि उपस्थित रहे।

अनुज सिंह ठाकुर ब्यूरो रिपोर्ट ललितपुर

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।