ललितपुर ।जिला चिकित्सालय की पुनर्स्थापना और मेडिकल कॉलेज में अव्यवस्था को लेकर बु. वि. सेना ने जिलाधिकारी को दिया ज्ञापन

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मेडिकल कॉलेज में कॉर्डियोलॉजी विभाग को तुरंत क्रियाशील किया जाये  : – टीटू कपूर

ललितपुर । आज ललितपुर में जिला संयुक्त चिकित्सालय की पुनर्स्थापना और मेडिकल कॉलेज में कॉर्डियोलॉजी विभाग को क्रियाशील करने को लेकर बु.वि. सेना द्वारा  बु. वि सेना प्रमुख हरीश कपूर टीटू के नेतृत्व में एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया ।  ज्ञापन में गरीब जनता के लिए वरदान ललितपुर जिला चिकित्सालय के अस्तित्व के खतरे , मेडिकल कॉलेज में कॉर्डियोलॉजी विभाग की निष्क्रियता तथा महिला चिकित्सालय में व्याप्त अनियमिताएं , भ्रष्टाचार तथा मरीजों को रिफर किये जाने की मांग की गई । गौरतलब है कि  चूंकि ललितपुर का जिला चिकित्सालय राजकीय मेडीकल कॉलेज में मर्ज हो चुका है तथा बु. वि. सेना का मानना है कि जिला चिकित्सालय के न रहने से गरीब जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि जिला चिकित्सालय में गरीबों का मुफ्त इलाज किया जाता है ।
      ज्ञापन के माध्यम से बु. वि. सेना प्रमुख हरीश कपूर टीटू ने कहा कि राजकीय मेडीकल कॉलेज की स्थापना के बाद तत्काल जिला चिकित्सालय को स्थापित किया जाना न्यायोचित होगा । उन्होंने कहा कि जिला चिकित्सालय की तुलना में राजकीय मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए शुल्क की दरें बहुत  ज्यादा हैं जिसके कारण गरीब जनता पर इसका भार ज्यादा पड़ेगा अतएव मेडिकल कॉलेज के बाद जिला चिकित्सालय की स्थापना परम आवश्यक है ।
       ज्ञापन के माध्यम से बु वि. सेना ने यह भी मांग की है कि मेडिकल कॉलेज में कॉर्डियोलॉजी विभाग पूरी तरह से निष्क्रिय है । हृदय रोग से पीडित मरीजों को संसाधनों एवं कॉर्डियोलोजिस्ट के अभाव में बाहर रिफर कर दिया जाता है । इस कमी को तत्काल पूरा करके कॉर्डियोलॉजी विभाग को क्रियाशील किया जाये ।
     ज्ञापन के माध्यम से यह भी मांग की गई कि महिला चिकित्सालय में भारी अनियमिताएं , भ्रष्टाचार , तथा रिफर सेन्टर बना जैसी कमियां हैं  । यहां पर प्रसूताओं और उनके तीमारदारों को डरा धमकाकर जमकर बसूली की जाती है । उन्होंने माननीय जिलाधिकारी से मांग की है कि इसे तत्काल रोका जाना चाहिए
      ज्ञापन के समय राजमल बरया , राजेन्द्र गुप्त , राजकुमार कुशवाहा , मुन्ना त्यागी , विनोद साहू ,  परवेज पठान , अमरसिंह बुन्देला , प्रदीप साहू , विक्की सोनी , विजेन्द्र महाराज , पवन शर्मा , सुन्दर साहू , टिंकू सोनी मौजूद रहे ।
*संवाददाता सुरेंद्र सपेरा*

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।

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