ललितपुर ।महिलाओं को सशक्त, किसानों को खुशहाल और युवाओं को रोजगार देकर उत्तर प्रदेश को बनाया उत्तम प्रदेश: मा0 राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

ललितपुर। प्रदेश सरकार के सेवा, सुरक्षा व सुशासन के 8 वर्ष पूर्ण होने पर तीन दिवसीय मेले के अंतिम दिन मा0 राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ ने गिनायी सरकारी की उपलब्धियां
 आज के सत्र में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान, नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलंबन पर हुए शानदार कार्यक्रम
 संस्कृति विभाग के कलाकारों के गीतों पर झूमा जनसमूह
 विकास कार्यों की प्रदर्शनी व विभागीय स्टॉलों का किया अवलोकन व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का हुआ आयोजन
 महाकुंभ प्रयागराज के सफल आयोजन व प्रदेश सरकार के 8 वर्ष की विकास यात्रा पर आधारित लघु फिल्म का किया गया प्रदर्शन
——————————————————
ललितपुर। प्रदेश सरकार के ‘‘सेवा, सुरक्षा व सुशासन’’ के 8 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में कल्याणसिंह सभागार ऑडीटोरियम में आयोजित तीन दिवसीय मेले के आज अंतिम दिन उत्तर प्रदेश सरकार के मा0 राज्यमंत्री, श्रम एवं सेवायोजन विभाग श्री मनोहर लाल पंथ ने अपने निर्धारित कार्यक्रम अनुसार सदर विधायक श्री रामरतन कुशवाहा, जिलाध्यक्ष भाजपा श्री हरीशचन्द्र रावत, शिक्षक विधायक प्रतिनिधि केदारनाथ तिवारी व पार्टी पदाधिकारियों के साथ कार्यक्रम में पहुंचकर विभागों द्वारा लगायी गईं विभिन्न योजनाओं व परियोजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी व स्टॉलों का अवलोकन किया और सम्बंधित विभागीय अधिकारियों को जनपद में विभागीय योजनाओं की स्थिति की जानकारी प्राप्त की।
कल्याण सिंह सभागार में मा0 मंत्री सहित अन्य जनप्रतिनधियों ने मॉ सरस्वती जी के चित्र पर दीप प्रज्वलन व माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान सभी अतिथियों का बुके भेंट कर स्वागत किया गया तथा मंचासीन अतिथियों के सम्मान में विद्यालय की छात्राओं द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। इसके उपरान्त मा० मंत्री जी द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार के आठ वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर तैयार की गई विशेष लघु फिल्म एवं महाकुंभ प्रयागराज 2025 के सफल आयोजन पर केन्द्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया और संस्कृति विभाग द्वारा भेजे गए कलाकारों ने राष्ट्रभक्ति व लोक गीतों के माध्यम से लोगों का ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं क लाभार्थियों को लाभान्वित किया, जिसमें इन तीनों दिनों में जिला सेवायोजन विभाग के सैकड़ों अभ्यर्थियों ने प्रतिभाग किया, जिसमें से 46 अभ्यर्थियों को नियोजकों के माध्यम से चयन भी किया गया।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मा0 राज्यमंत्री, श्रम एवं सेवायोजन विभाग, उ0प्र0 ने केन्द्र व प्रदेश सरकार द्वारा विगत 8 वर्ष में किये गए विकास कार्यों और उनसे लोगों के जीवन में आये बदलावों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि मा0 प्रधानमंत्री जी एवं मा0 मुख्यमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की दशा और दिशा दोनों में परिवर्तन आया है, आज उत्तर प्रदेश उत्तम प्रदेश के रुप में उभर रहा है, देश विदेश से कारोबारी यहां अपना उद्योग स्थापित करने के लिए आकर्षित हो रहे हैं, जिससे कारण तेजी से उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में वृद्धि हो रही है। युवाओं को उनकी कृशलता के अनुसार कार्य मिल रहा है। गरीब कल्याण के लिए सरकार ने जीरो पावरटी सर्वे शुरु किया है, साथ ही उद्यमियों के सृजन के लिए मुख्यमंत्री उद्यमी विकास अभियान प्रारंभ किया गया है। कानून व्यवस्था को सुदृढ़ किया है, मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत महिलाओं को सशक्त व आत्मनिर्भर बनाया है। किसानों की खुशहाली के लिए समर्थन मूल्यों में वृद्धि कर उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने का काम वर्तमान सरकार ने किया है।
कार्यक्रम के दौरान मा0 सदर विधायक श्री रामरतन कुशवाहा, जिलाध्यक्ष भाजपा श्री हरीशचन्द्र रावत ने अपने सम्बोधन में उत्तर प्रदेश सरकार के शानदार 8 वर्षों की उपलब्धियां, नीतियां एवं कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ललितपुर के चौमुखी विकास, एयरपोर्ट, बल्क ड्रग पार्क, मेडिकल कॉलेज सहित विभिन्न कार्यों से जनपद की आम जनता के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव साफ देखे जा सकते हैं।
सदर विधायक ने जिला प्रशासन की प्रंसशा करते हुए कहा कि प्रशासन ललितपुर की पानी की समस्या के निदान के लिए चलायी जा रही जल परियोजनाओं पर बड़ी संजीदगी के साथ गंभीरतापूर्वक कार्य कर रहा है, इसके लिए उन्होंने सभी प्रशासनिक अधिकारियों को धन्यवाद दिया। उन्होंने बिजली, पानी, किसानी सहित जनता की किसी भी समस्या के निस्तारण कराने के लिए अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।
आज के प्रथम सत्र में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान, नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलंबन पर शानदार कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को जागरुक किया गया। कार्यक्रम में जिला प्रोबेशन अधिकारी ने नारी सशक्तिकरण के लिए केन्द्र व प्रदेश सरकार द्वारा चलायी जा रहीं अनेकों योजनाओं व कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से बताया।
द्वितीय सत्र में जल संरक्षण व जल संचयन एवं हरित ऊर्जा की थीम पर जल निगम, सिंचाई विभाग, जल संस्थान, भू जल विभाग, भूमि संरक्षण सहित जल से जुड़े सभी विभाग व परमार्थ सेवा संस्थान के संयुक्त प्रयासों से वर्तमान जलवायु के बड़ते खतरों के प्रति सजग करते हुए लोगों को जागरुक किया गया। इस पर सिंचाई विभाग के जल निगम के अधिशासी अभियंता अवनीश सिंह, अधिशासी अभियंता अजय कुमार ने केन्द्र व प्रदेश सरकार द्वारा बुन्देलखण्ड की पानी की समस्या के लिए संचालित परियोजनाओं के बारे में बताया, जिसका सीधा लाभ यहां की जनता को मिल रहा है। परमार्थ सेवा संस्थान के संजय सिंह ने सभी ने आम जनता से अपील की कि ‘‘जल है तो कल है’’, इसलिए अपने कल के लिए आज जल का संरक्षण व संचयन करें, एक एक पानी की बूंद को बचायें, जिससे जलवायु परिवर्तन के खतरे से बचा जा सके।
कार्यक्रम का संचालन महेश रिछारिया व वृजमोहन संज्ञा ने किया।
इस दौरान जिलाधिकारी श्री अक्षय त्रिपाठी, मुख्य विकास अधिकारी कमलाकांत पाण्डेय, जिला पंचायत राज अधिकारी नवीन मिश्रा, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी राजेश कुमार बघेल, जिला प्रोबेशन अधिकारी नन्दलाल सिंह, जिला सूचना अधिकारी डीएस दयाल, जिला रोजगार सहायता अधिकारी आकांक्षा यादव, जिला पर्यटक अधिकारी हेमलता सहित सभी जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहेे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Ad
What is the capital city of France?

Hi

*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।

Hi

*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।