ललितपुर । जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, ललितपुर के तत्वाधान में दको  से जनपद न्यायालय परिसर

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ललितपुर।  एवं जनपद की सभी तहसीलों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। जनपद न्यायालय सभागार में आयोजित लोक अदालत कार्यक्रम में जिला जज नरेंद्र कुमार झा, जिला जज परिवार न्यायालय, मोटर दुर्घटना व अपर जिला जज सुनील कुमार सिंह, लोकेश कुमार सिंह, सहित न्यायिक अधिकारियों ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर कर व  दीप प्रज्वलित कर राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ किया। इस अवसर पर जिला जज सहित न्यायिक अधिकारियों ने लोक अदालत में सुलभ और सस्ता न्याय एवं इसके महत्व के बारे में विस्तार से बताया। इसके उपरांत जिला जज अपने न्याय का अधिकारियों के साथ लोक दल में लगाए गए विभिन्न विभागों व बैंक शाखाओं के पटलों तथा परिवार न्यायालय का भ्रमण कर जानकारी प्राप्त की। करमाननीय श्री नरेंद्र कुमार झा, जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ललितपुर द्वारा आम नागरिकों से अपील की जाती है कि वे इस राष्ट्रीय लोक अदालत में मोटर वाहनों से संबंधित ई-चालान, आपराधिक शमनीय वाद, बैंक वसूली वाद, भूमि अधिग्रहण वाद, पारिवारिक/वैवाहिक मामलें , मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद, विद्युत अधिनियम, स्टाम्प अधिनियम, श्रम अधिनियम, भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, उपभोक्ता फोरम के वाद, स्थायी लोक अदालत में लंबित वाद, नगर पालिका टैक्स वसूली वाद, पुलिस अधिनियम के अन्तर्गत चालान वाद, दुकान एवं वाणिज्य अधिनियम के अधीन बांट माप वाद, आयकर, वाणिज्य कर, जलकर, वन अधिनियम, सेवा संबंधी वाद, चेक बाउन्स के मामलें आदि के अन्तर्गत लंबित वादों एवं अन्य वादों के निस्तारण राष्ट्रीय लोक अदालत में किये जायेगें।
वादकारीगण से अनुरोध है कि वे अपने लंबित वादों को आपसी सुलह समझौता के आधार पर निस्तारित कराना चाहते हों तो दिनांक 08.03.2025 को समय प्रातः 10ः00 बजे जनपद न्यायालय परिसर, ललितपुर में उपस्थित होकर अपने वादों का निस्तारण कराकर राष्ट्रीय लोक अदालत का लाभ उठायें।

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।

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