विज्ञान प्रदर्शनी में बच्चों मॉडल्स देख हतप्रभ हुये अतिथि क्राफ्ट व विज्ञान प्रदर्शनी में बच्चों ने बनाये शानदार मॉडल्स

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ललितपुर। सिद्धि सागर एकेडमी में शनिवार को कक्षा एक से चार तक के विद्यार्थियों द्वारा क्राफ्ट प्रदर्शनी एवं कक्षा पांच से आठवीं तक के छात्र-छात्राओं द्वारा विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इसमें चार्टर्ड एकाउन्टेंट रचना जैन सी.ए. मुख्य अतिथि रहीं। डायरेक्टर रीता जैन ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। मुख्य अतिथि ने माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलन किया। तत्पश्चात उन्होंने प्रदर्शनी हॉल के द्वारसूत्र को खोलकर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ करते हुये छात्र-छात्राओं द्वारा लगाई गई विज्ञान एवं क्राफ्ट प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा बनाये गये मॉडल्स एवं प्रोजेक्ट्स की भरपूर प्रशंसा करते हुए कहा कि स्कूल द्वारा आयोजित इस तरह की गतिविधियों से बच्चों में छिपी प्रतिभा उभरकर सामने आती है। इस प्रदर्शनी को देखने के लिए अभिभावकों का तांता लगा रहा। एक ओर जहां कक्षा एक से चार तक के बेकार वस्तुओं से बने सुंदर सुंदर डेकोरेशन पीस सबको आकर्षित कर रहे थे वहीं दूसरी ओर विज्ञान प्रदर्शनी में कक्षा पाँच से आठ तक के विद्यार्थी उपस्थित अभिभावकों को अपने मॉडल से सम्बन्धित तथ्य बताकर सबका दिल जीत रहे थे। इस प्रदर्शनी में बच्चों ने सोलर सिस्टम सूर्यग्रहण, चन्द्रग्रहण ग्लोबल वार्मिग जल प्रदूषण वायु प्रदूषण ध्वनि प्रदूषण सस्टेनेबल इकों फ्रेंडली स्मार्ट सिटि, न्यूरॉन, वैक्यूम क्लीनर, रेन वाटर हारवेस्टिंग, रेस्पिरेटरी सिस्टम, डैम वाटर टरबाइन, ड्रिप इरिगेशन, माहवारी सोलर उर्जा से संचालित वाहन वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट प्लांट प्लांट सैल ग्रीन एनर्जी गति का सिद्धांत विंडमिल ज्वालामुखी, ग्रेफाइट कन्डक्टर थ्री डी होलोग्राम वाटरफिल्टर सोलर ऊर्जा से खेती, तरह-तरह के डस्टबिन, एसिड रेन, साउन्ड वेव्ज चन्द्रयान 3 ज्वालामुखी ग्रीन हाउस आदि विज्ञान के विषयों से सम्बन्धित एक से बढ़कर एक मॉडल प्रस्तुत किये। इस दौरान सीमा अरोरा, जौली नामदेव, अखिलेश शर्मा, छाया नामदेव, पूजा सोनी, हेमन्त यादव, सरिता चतुर्वेदी, राशि जैन, एकता रिछारिया, प्राची ताम्रकार, रजनी जैन, विवेक दुबे, पुनीता पाराशर, साक्षी देवलिया, रश्मिी नामदेव, प्रियंका तोमर, कल्पना राय, स्तुति मिश्रा, शिवानी, पूर्वा जैन, महरीन, नीरज, वैभव, विक्रम, धर्मेन्द्र पंथ, हिमांचल सिंह, कला, रेखा, इन्दिरा, रोशनी, माया, मूलचन्द आदि मौजूद। अंत में अंकिता जैन ने आभार जताया।
*अनुज सिंह ठाकुर ब्यूरो रिपोर्ट ललितपुर*

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।