शाजापुर। भारतीय समाज में सदियों से जीवन व्यापन के विधान निर्धारित हैं, जिन्हें यथासाध्य धर्म, समाज या शासन नियंत्रित करता आया हैं। इसके बावजूद सामाजिक जीवन में कई कुरीतियां व्याप्त है, जिन्हें वैयक्तिक जागरूकता के बिना समाप्त करना संभव नहीं है। इसी संदर्भ में भारतीय समाज में प्रचलित बाल विवाह की परंपरा को समाप्त करने के लिए शासकीय महाविद्यालय में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं वक्ता के रूप में महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला ईकाई की सुपरवाइज़र श्रीमती कौशल्या श्रीमाली को आमंत्रित किया गया। सर्वप्रथम कॉलेज प्राचार्य डॉक्टर शिवकांत तिवारी ने स्वागत उद्बबोदन देते हुए, बालक बालिकाओं को शिक्षा प्राप्त करने एवं आत्मनिर्भर होने के बाद ही वैवाहिक जीवन में प्रवेश करने के लिए प्रेरित किया। मुख्य वक्ता कौशल्या श्रीमाली ने बाल विवाह के कारणों एवं तद्जन्य होने वाले सामाजिक आर्थिक व स्वास्थ्य जनित दुष्परिणामों पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस अवसर पर आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता के लिए छात्रा शिवानी सूर्यवंशी, किरण कुंभकार, करुणा बैरागी एवं रीना कुंभकार को पुरस्कृत किया गया। तत्पश्चात विद्यार्थियों एवं स्टाफ द्वारा जागरूकता रेली निकाली गयी। संचालन डॉ केशव शर्मा ने एवं आभार, प्रभारी डॉ वंदना मंडोर ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में आईक्यूएसी प्रभारी श्रीमती सौम्या सिंह तोमर,अभय भोसले, डॉ अंजनी कुमार तिवारी, सायरा बानो खान,जितेंद्र विश्वकर्मा एवं मोहन सहित विद्यार्थी मौजूद रहे।महेश जैन मोहन बड़ोदिया शाजापुर



