सागर ।गढ़ाकोटा के अभिनेता राजा गुरु फिल्म के एक्शन दृश्य के दौरान हुए गंभीर रूप से घायल

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सागर ।बॉलीवुड अभिनेता राजा गुरु हाल ही में हिंदी फिल्म की शूटिंग के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में चल रही फिल्म की शूटिंग के दौरान हुआ, जब राजा गुरु एक्शन दृश्य की शूटिंग कर रहे थे।

घटना के बाद, फिल्म के निर्देशक आनंद आर श्रीवास्तव और निर्माता आशुतोष श्रीवास्तव ने तुरंत राजा गुरु को निदान अस्पताल में भर्ती कराया।

आनंद आर श्रीवास्तव और आशुतोष श्रीवास्तव ने राजा गुरु की सेहत को प्राथमिकता देते हुए फिल्म की शूटिंग को कुछ दिनों के लिए रोक दिया है। लेकिन अब राजा गुरु की स्थिति स्थिर है और उन्होंने बताया है कि वह दो-तीन दिन बाद फिर से अपने एक्शन दृश्य को पूरा करेंगे। यह खबर राजा गुरु के प्रशंसकों के लिए राहत की बात है।

अभिनेता राजा गुरू गढ़ाकोटा तहसील के एक छोटे से गांव उदयपुरा के निवासी हैं l अभिनेता राजा गुरु ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत रंगमंच से की।उन्होंने सबसे प्रशंसित अंतर्राष्ट्रीय नाटक “मोहब्बत द ताज” में मुगल सम्राट “शाहजहाँ” की भूमिका निभाई…उन्होंने 300 शो किए हैं।

राजा गुरु ने महुआ चैनल पर प्रसारित पहले संगीतमय टेलीविजन शो “अखियों के झरोखे से” में मुख्य नायक की भूमिका निभाई। यह टेलीविजन शो अमिताभ बच्चन की फिल्म “अभिमान” से प्रेरित था।

राजा गुरु ने डीडी नेशनल चैनल पर प्रसारित टेलीविजन शो “दिल आशना है” में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। राजा गुरु के अभिनय को काफी सराहा गया। राजा गुरु ने क्षेत्रीय भाषा की राजस्थानी फिल्म “औलाद” में मुख्य नायक की भूमिका निभाई और उनका अभिनय उल्लेखनीय था।वर्ष 2018 में राजा गुरु ने हिंदी फीचर फिल्म “धप्पा” में शानदार अभिनय किया, जो दर्शकों के लिए खुशी की बात थी। इसके अलावा वर्ष 2018 में राजा गुरु की लघु फिल्म “द लॉन्ग ड्राइव” ने प्रतिष्ठित दादा साहब फाल्के पुरस्कार जीता।  डीडी किसान चैनल के टेलीविजन शो “किसके रोके रुका है सवेरा” में सूरज की भूमिका निभाई, जिसे काफी पसंद किया गया। राजा गुरु के आने वाले प्रोजेक्ट की बात करें तो वह जल्द ही हिंदी वेब सीरीज ‘ए के ४७’, ‘द मिराज’ और हिंदी फिल्म ‘कालिका’ , ’आराध्य’और ‘तुम तक’ में दमदार भूमिका में नजर आएंगे। सागर से देव भूषण दुबे की रिपोर्ट

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।